जब कृष्ण ने हर लिया दुशासन का बल

जब कृष्ण ने हर लिया दुशासन का बल

Vineet Sharma | Publish: Sep, 08 2018 10:09:44 PM (IST) Surat, Gujarat, India

बृजमंडल का श्रीकृष्णलीला महोत्सव- 2018

सूरत. कौरवों की सभा में जब परिवार के बुजुर्ग ही नहीं, पांचों पांडव भी सिर नीचे किए चीर हरण देखते रहे, श्रीकृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई। बृज के रासाचार्य फतेहकृष्ण शर्मा के सानिध्य में रास मण्डली ने शनिवार को द्रोपदी चीरहरण प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया।

सिटीलाइट स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में बृजमंडल की ओर से चल रही श्रीकृष्णलीला महोत्सव 2018 में शनिवार को द्रोपदी चीरहरण प्रसंग का मंचन किया गया। बृज की रास मण्डली राधाकृपा रासलीला संस्थान के कलाकारों ने भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कथा प्रसंग के अनुसार युधिष्ठिर की ओर से आयोजित राजसूय यज्ञ के दौरान भीम जब दुर्योधन को महल दिखाने गए तो दुर्योधन को जल में थल और थल में जल का भ्रम हो गया। इस अवस्था में द्रोपदी के उपहास से दुर्योधन ने खुद को अपमानित महसूस किया। दुर्योधन के अपमान का बदला लेने के लिए शकुनि ने पांडवों को द्यूतक्रीड़ा के लिए हस्तिनापुर आने का निमंत्रण दिया। जुआ खेलने गए युधिष्ठर राजपाट और अपने भाइयों के साथ ही द्रोपदी को भी हार गए। दुर्योधन ने दुशासन को भेज द्रोपदी को भरी सभा में बुला लिया। दुशासन जब द्रोपदी का वस्त्र हरण करने लगा, भगवान कृष्ण ने उसका बल हर द्रोपदी की लाज बचाई।
इससे पहले पांडवों के हिस्से आए इंद्रप्रस्थ में युधिष्ठर ने राजसूय यज्ञ किया था, जिसमें शिशुपाल और दुर्योधन समेत सभी राजाओं को आमंत्रित किया गया था। श्रीकृष्ण को सभा का सभापति बनाने पर शिशुपाल ने कृष्ण को गालियां देनी शुरू कर दीं। कृष्ण ने शिशुपाल की मां को वचन दिया था कि सौ अपराध माफ कर देंगे, इसलिए सौ गालियों तक शांत रहे और फिर सुदर्शन चक्र से उसका वध कर दिया। रविवार को स्वामी हरिदास जी बांके बिहारी प्रागट्य लीला का मंचन किया जाएगा।
चित्रकला प्रतियोगिता आज
राजस्थान पत्रिका एवं बृज मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में नौ सितंबर को रविवार सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर एक बजे तक अग्रसेन भवन में चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आयोजक परिवार की दीपिका अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की जाएगी। पहले वर्ग में पहली और दूसरी कक्षा तक के प्रतिभागी रंगभरो प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकेंगे। तीसरी से पांचवीं कक्षा के प्रतिभागियों को ‘सेव ट्री सेव अर्थ’ विषय पर और कक्षा छह से आठ तक के प्रतिभागियों को ‘तापी रिवर’ विषय पर अपनी प्रतिभा उकेरनी होगी। प्रतियोगिता के सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

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