जहर देने आई पूतना का किया उद्धार

जहर देने आई पूतना का किया उद्धार

Vineet Sharma | Publish: Sep, 04 2018 09:15:58 PM (IST) Surat, Gujarat, India

कृष्णजन्मोत्सव पर सोमवार से शुरू हुई बृजमंडल की कृष्णलीला

सूरत. कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर सोमवार रात बृजधाम सूरत में उतर आया था। अवसर था बृजमंडल की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण लीला महोत्सव 2018 का। सिटीलाइट स्थित अग्रसेन भवन में 10 सितंबर तक होने वाली कृष्ण लीला के दूसरे दिन मंगलवार को नंदोत्सव और पूतना वध प्रसंग का मंचन किया गया। इससे पहले सोमवार रात कंस के राजदरबार और श्रीकृष्ण जन्म का मंचन किया गया।

बृज की रास मण्डली ने मंगलवार रात नंदोत्सव, पूतना वध प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। बृज के रासाचार्य फतेहकृष्ण शर्मा के सानिध्य में रास मण्डली ने रात करीब आठ बजे से रास और लीला मंचन की प्रस्तुति शुरू की। कृष्ण जन्म की जानकारी मिलते ही दिनभर लोग नंदबाबा के घर पहुंचे और उन्हें पुत्र जन्म की बधाइयां दीं। नंदोत्सव प्रसंग के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।

प्रसंग के दौरान पूतना वध की कथा भी लोगों को बताई गई। कथा के अनुसार कृष्ण जन्म की सूचना मिलते ही दूध पिलाने के बहाने कृष्ण को मारने के लिए कंस ने मथुरा से पूतना को भेजा। गोकुल पहुंचकर पूतना ने जैसे ही दुग्धपान कराने के बहाने कृष्ण को मारने का षडयंत्र रचा, भगवान ने उसका वध कर दिया। लीलामंचन के दौरान पूतना के मंच पर प्रवेश ने लोगों को अचंभित कर दिया।

इससे पहले रासलीला की शुरुआत सोमवार शाम करीब सात बजे दीप प्रज्जवलन से हुई। रास प्रदर्शन के बाद युवराज कंस का बहन देवकी के विवाह के लिए चिंतित होना, मित्र वसुदेव के साथ देवकी का विवाह, विदा के दौरान आकाशवाणी, कंस का बहन देवकी, बहनोई वसुदेव व पिता उग्रसेन को कारागार में डालने, एक-एक कर देवकी का सात बच्चों को जन्म देना और कंस का उन्हें मारना, कृष्ण जन्म, वसुदेव का कृष्ण को नंद के घर पहुंचाने के दृश्यों का मंचन किया गया। बुधवार को भक्त मीराबाई की कथा का मंचन किया जाएगा।

सही जवाब पर मिलेगा इनाम

श्रीकृष्ण लीला महोत्सव-2018 में 9 सितंबर तक बृजश्री क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान पत्रिका के पाठकों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिदिन कूपन प्रकाशित कर एक सवाज पूछा जाएगा। सही जवाब वाली प्रविष्टियों को आयोजन स्थल पर ही ड्रा के माध्यम से निकालकर रासलीला में ही विजेता को पुरस्कृत किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक पुरस्कार उन्हीं प्रतिभागियों को दिया जाएगा, जो कथास्थल पर मौजूद होंगे। नाम की घोषणा होने पर विजेता प्रतिभागी मंच पर नहीं आए तो दूसरा कूपन निकाला जाएगा।

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