श्याम प्यारे का सजा दरबार है...

श्रीरंगीला श्याम सेवा समिति

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 25 Nov 2018, 10:46 PM IST

सूरत. श्रीरंगीला श्याम सेवा समिति की ओर से श्रीश्याम जन्मोत्सव के उपलक्ष में रविवार को श्याम भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम न्यू सिटीलाइट रोड पर काकडिय़ा फार्महाउस पर शाम छह बजे से आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय गायक पवन मुरारका, राकेश अग्रवाल, मुकेश दाधीच समेत अन्य कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी। इसमें तेरा भगत याद करें..., श्याम तने आणो पड़सी..., हे गजानंद आपकी दरकार है, श्याम प्यारे का सजा दरबार है...आदि भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भजन संध्या के दौरान बाबा श्याम के शृंगारित दरबार के समक्ष अखण्ड ज्योत प्रज्ज्वलित कर छप्पनभोग परोसा गया और बाद में केक भी काटा गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

23 युगल दाम्पत्य जीवन में बंधे


बज्मे गुलिस्ताने रिफाई सार्वजनिक ट्रस्ट की ओर से 12वां सामूहिक निकाह सम्मेलन का आयोजन रविवार को किया गया। सम्मेलन में 23 निर्धन युवक-युवतियों का निकाह सम्पन्न किया गया। सैयद फैयाजुद्दीन सैयद जमालुद्दीन रिफाई की अगुवाई में वरियावी बाजार के निकट फूलवाड़ी रोड पर खानकाहे जमालिया रिफाइया में आयोजित सम्मेलन में सभी जोड़ों को 68 गृहोपयोगी वस्तुएं दी गई। इस दौरान कई आमंत्रित मेहमान व सभी युगल के परिजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

कार्यकर्ता राजस्थान रवाना


भाजपा महानगर इकाई के कार्यकर्ता रविवार शाम राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने के लिए रवाना हुए। सूरत से राजस्थान के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता जयपुर, सीकर, चुरू, बीकानेर, उदयपुर समेत अन्य जिलों के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचारकार्य करेंगे।

पदवीदान व मुनि पद 13 दिसम्बर को


शहर के पार्ले पोइंट जैन संघ में आचार्य कीर्तियश सुरीश्वर महाराज के सानिध्य में 13 दिसम्बर को पांच महात्मा को पदवी दान व 13 मुमुक्षुओं को मुनि पद दिया जाएगा। इस मौके पर पाल में आयोजित समारोह में आयोजित जिनशासन मंडप में 1440 तपस्वी इंद्र-इंद्राणी के रूप में महापूजा में भाग लेंगे। आचार्य कीर्तियश सुरीश्वर महाराज की पार्ले पोइंट जैन संघ में में स्थिरता के दौरान डुमस के साइलेंट जोन में उपाधान तप की आराधना इन दिनों जारी है। 13 दिसम्बर को पाल में आयोजित समारोह में 45 आगम की पूजा में 4-4 तपस्वियों के आठ समूह बनाकर पूजा की जाएगी।

 

Dinesh Bhardwaj Reporting
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