छोटे नोटों वाले अब धनवान, बड़े नोटों वाले कंगाल

पांच सौ और हजार रुपए के नोट बंद करने की घोषणा के बाद सूरत में मंगलवार रात जो हड़कंप मचा था, बुधवार

By: मुकेश शर्मा

Published: 09 Nov 2016, 11:22 PM IST

सूरत।पांच सौ और हजार रुपए के नोट बंद करने की घोषणा के बाद सूरत में मंगलवार रात जो हड़कंप मचा था, बुधवार को वह अफरा-तफरी, मायूसी, बेचैनी और बदहवासी में तब्दील हो गया। हजारों लोग 500 और 1000 के नोट लेकर दिनभर भटकते रहे, लेकिन कोई इन्हें लेने को तैयार नहीं था। बड़ी खरीदारी नहीं होने से शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सन्नाटे का आलम था और करोड़ों का कारोबार ठप रहा। ज्वैलरी के ज्यादातार शोरूम बंद रहे तो कपड़ा बाजार, वाहनों के शोरूम, मॉल्स और बड़े होटलों-रेस्टोरेंट्स में भी चहल-पहल कम रही। बैंक और एटीएम मशीनें बंद रहने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई।

 नकद सामान खरीदने वालों के लिए बुधवार का दिन पहाड़ के समान रहा। पांच सौ के नोट वालों को दुकानदारों ने खाली हाथ लौटा दिया। चाय की लारी, नाश्ते की दुकानों और होटलों में भी 500 तथा 1000 के नोट अस्वीकार कर दिए गए। कई दुकानों के बाहर तो बाकायदा तख्ती लटका दी गई थी कि यहां यह नोट नहीं लिए जाएंगे। इससे 500 और 1000 के नोट वालों की हालत 'पानी में मीन प्यासीÓ वाली हो गई। वह इन बड़े नोट से 10 रुपए की चाय या 12 रुपए का समोसा तक नहीं खरीद पाए।  


बाहर से आए लोगों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। मोबाइल बिल, बिजली बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम और वेरा भरने का बुधवार को अंतिम दिन था, लेकिन पांच सौ और हजार के नोट स्वीकार्य नहीं होने के कारण कई लोग बिल जमा नहीं करा सके। बुधवार को बैंक और एटीएम बंद रहे। इससे भी व्यापार-उद्योग प्रभावित हुए। लगभग 600 करोड़ रुपए के चैक क्लीयरिंग में नहीं जा सके। एक हजार और पांच सौ के नोट नहीं चलने से लोग 100 तथा 50 रुपए के नोट के लिए भटकते रहे। चौक बाजार, भागल तथा नवसारी बाजार में आम तौर पर खरीद के लिए लोगों की भीड़ रहती है, लेकिन बुधवार को इन इलाकों से भीड़ गायब थी। मोबाइल के बड़े शोरूम सूने रहे।



सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों में यही माहौल था। ज्वैलरी शोरूम के संचालकों ने शोरूम बंद रखना ही उचित समझा, क्योंकि यहां ज्यादातर खरीद नकद में होती है और ग्राहक पांच सौ या हजार के नोट लाते हैं। सूरत में प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ रुपए से अधिक की ज्वैलरी का कारोबार होता है। वह ठप रहा। होटल में भी बंद के माहौल के कारण लाखों रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ। सूरत के टैक्सटाइल उद्योग के धागे अन्य राज्यों से जुड़े हैं। वहां के व्यापारियों ने करोड़ों रुपए के ऑर्डर रद्द कर दिए। हीरा उद्योग से जुड़ी आंगडिय़ा पेढिय़ों में दिवाली वेकेशन चल रहा है। जो पैमेंट नकद आने थे, हीरा उद्यमियों ने उन पर रोक लगा दी है। सूरत में प्रतिदिन करीब एक हजार करोड़ रुपए का व्यापार होता है, जो बुधवार को पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।
मुकेश शर्मा Reporting
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