स्मार्ट सिटी के शिक्षक स्मार्ट नहीं !

- निष्ठा प्रशिक्षण में सूरत जिला राज्य के अन्य जिलों के मुकाबले काफी पीछे
- मॉड्यूल कोर्स 4,5,6 के पंजीकरण में सूरत के मुकाबले नवसारी, डांग और वलसाड आगे
- तीन कोर्स के लिए सूरत में से 54.11, 42.94 और 35.53 प्रतिशत शिक्षकों ने ही करवाया पंजीकरण

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 14 Sep 2021, 01:40 PM IST

सूरत.
राज्य सरकार ने सरकारी और निजी स्कूल के शिक्षकों का प्रशिक्षण और परीक्षा के आधार पर मूल्यांकन करने का तय किया है। इस मामले को लेकर सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने इसका जमकर विरोध किया था। इसके अलावा सरकार ने शिक्षकों के लिए निष्ठा प्रशिक्षण का आयोजन किया। राज्यभर में बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला सूरत जिला निष्ठा प्रशिक्षण के पंजीकरण में कमजोर साबित हो रहा है। निष्ठा प्रशिक्षण के मॉड्यूल कोर्स 4,5,6 के पंजीकरण में सूरत जिले के शिक्षक अनुक्रम में 54.11, 42.94 और 35.53 प्रतिशत की पंजीकृत हुए हैं। इस आंकड़े को देख लगता है कि सूरत जिले के शिक्षक निष्ठा प्रशिक्षण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
एमएचआरडी और एनसीईआरटी की ओर से माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूल के शिक्षकों के लिए निष्ठा प्रशिक्षण (नेशनल इनिशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलीस्टिक एडवांसमेंट) का आयोजन किया गया है। इसमें कई मोड्यूल कोर्स तैयार किए गए हैं। जिनका प्रशिक्षण लेकर शिक्षकों को परीक्षा देनी होती है, जिसके आधार पर शिक्षकों का मूल्यांकन किया जाता है। इस मॉड्यूल में सूरत जिले के शिक्षकों की रुचि कम ही नजर आ रही है। क्योंकि इस मॉड्यूल के लिए सूरत जिले के शिक्षकों का पंजीकरण कम हो रहा है। जब मॉड्यूल कोर्स 1,2,3 का पंजीकरण हो रहा था, तभी सबको प्रशिक्षण और परीक्षा के बारे में सूचित किया गया था। तब भी सूरत जिले से कम शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया था। इस बार मॉड्यूल 4,5,6 का पंजीकरण हो रहा है। इसमें भी सूरत जिले से कम ही शिक्षकों ने पंजीकरण कराया है। सूरत जिले से मॉड्यूल के अनुक्रम में 54.11, 42.94 और 35.53 प्रतिशत शिक्षकों ने ही करवाया पंजीकरण हैं। सूरत जिला इस प्रशिक्षण के लिए राज्य के सभी जिलों में सबसे पीछे है। सूरत जिले में कोर्स 4 के लिए 9101 शिक्षकों का लक्ष्य था जिसके सामने मात्र 4925 शिक्षकों ने ही पंजीकरण करवाया है। कोर्स 5 में 3908 और कोर्स 6 के लिए 32.36 शिक्षकों ने ही पंजीकरण करवाया है। कम संख्या में पंजीकरण होने से लगता है कि इस प्रशिक्षण को लेकर शिक्षकों में कम रुचि है।
- डांग, तापी और नवसारी में लक्ष्य से अधिक शिक्षकों का पंजीकरण
डांग जिले में 353 शिक्षकों का लक्ष्य था, जिसके सामने कोर्स 4 में 360, कोर्स 5 में 283, कोर्स 6 में 247 शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है। तापी जिले में 1056 शिक्षकों के लक्ष्य के सामने कोर्स 4 में 100 प्रतिशत, कोर्स 5 में 90.25 प्रतिशत, कोर्स 6 में 78.60 प्रतिशत शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है। नवसारी जिले में 2108 शिक्षकों का लक्ष्य के सामने कोर्स 4 में 100.90 प्रतिशत, कोर्स 5 में 90.79 प्रतिशत, कोर्स 6 में 80.41 प्रतिशत शिक्षकों ने पंजीकरण कराया है। राज्य के सभी जिलों को मिलाकर कोर्स 4 में 60.64 प्रतिशत, कोर्स 5 में 58.07, कोर्स 6 में 49.12 शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है।
- निजी स्कूल के शिक्षकों के चलते पंजीकरण कम
सूरत जिले के प्राचार्यों का कहना है कि अब स्कूल खुल गए हैं। इसलिए सभी शिक्षक पढ़ाई को लेकर व्यस्त हो गए हैं। ऑफलाइन कक्षा के साथ ऑनलाइन का भी कार्य चल ही रहा है। ऐसे में निजी स्कूल के शिक्षकों ने कम संख्या में पंजीकरण करवाया होने के कारण पंजीकरण का आंकड़ा कम हो सकता है।
- दबाव नहीं इसलिए आंकडा उपर नहीं
दूसरी ओर सूरत जिले के कई शिक्षकों का कहना है कि पहले परीक्षा के माध्यम से मूल्यांकन को लेकर जमकर विरोध हुआ था। निष्ठा प्रशिक्षण का विरोध नहीं हो रहा है। क्योंकि यह अनिवार्य नहीं किया गया है। इसमें जुड़ने के लिए सरकार की ओर से दबाव नहीं बनाया जा रहा है। इसलिए पंजीकरण का आंकड़ा कम हुआ है। दबाव आते ही और अनिवार्य किया जाने पर परिस्थिति बदल सकती है।
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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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