अभियान चलाकर रखेंगे कोमोरबिड लोगों का खयाल

लॉकडाउन के दौरान हुई मौतों और जन्म के प्रमाणपत्र के लिए नहीं देना होगा एफेडेविट

By: विनीत शर्मा

Updated: 21 May 2020, 08:32 PM IST

सूरत. अभियान चलाकर कोमोरबिड कंडीशन वाले लोगों का विशेष खयाल रखा जाएगा। लॉकडाउन के दौरान हुई मौतों और जन्म के प्रमाणपत्र के लिए लोगों को एफेडेविट देने की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। इसके लिए मनपा प्रशासन ने 18 मार्च से 17 मई तक की कट ऑफ डेट तय की है।

कोमोरबिड कंडीशन वाले लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 'मैं भी कोरोना वारियर अभियान' शुरू किया है। इसके तहत लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के उपाय किए जाएंगे। मनपा प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से कोमोरबिड कंडीशन वाले लोगों के लिए विशेष योजना बनाने का निर्णय किया है। एपीएक्स सर्वे के दौरान मनपा प्रशासन के पास शहर में ऐसे लोगों का डाटा उपलब्ध है, जो या तो वृद्ध हैं या फिर किसी न किसी गंभीर बीमारी के कारण कोमोरबिड कंडीशन से ग्रस्त हैं।

आमतौर पर जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के लिए जन्म या मृत्यु की तिथि के 21 दिन के भीतर आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन करने पर लोगों को एफेडेविट देना होता है। लॉकडाउन के कारण लोग तय मियाद में आवेदन नहीं कर पाए हैं। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन ने लॉकडाउन अवधि के दौरान 18 मार्च से 17 मई के बीच हुए जन्म और मृत्यु के लिए एफेडेविट की बाध्यता से छूट दी है। साथ ही जिन इलाकों में कंटेन्मेंट के कारण लॉकडाउन अबतक यथावत है, उन्हें लॉकडाउन खुलने की अवधि तक इस बाध्यता से छूट रहेगी।

विनीत शर्मा Reporting
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