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कोरोना आपदा को खत्म करने के लिए कपड़ा व्यापारी ने गाया भजन, गणगौर लोकपर्व में युवतियां भी कर चुकी है यह प्रयोग

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 02 May 2021, 09:35 PM IST

सूरत. भारतीय संस्कृति में धार्मिक आस्था का बड़ा महत्व है। घर-परिवार में शुभ प्रसंग हो चाहे अशुभ घटना...दोनों ही हाल में धार्मिक आस्था का रंग दिख ही जाता है। पिछले साल से कोरोना महामारी ने देश-दुनिया के हाल-बेहाल कर रखे हैं और इस महामारी से निपटने के लिए जहां चिकित्सा पद्धति कई तरह के प्रयोग के साथ तत्पर है वहीं, इन विकट हालात में धार्मिक आस्था के साथ भगवान के समक्ष महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना तरह-तरह से की जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही राजस्थान का लोकपर्व गणगौर सम्पन्न हुआ और इसमें ईसर (शिव) गौर (पार्वती) की पूजा करने वाली युवतियों ने लोकगीतों में प्रार्थना करते हुए गाया कि म्हारी चंद्र गवरसा कोरोना भगावो इस देस सूं, म्हाने आवे अचंभो वापस कियां आई गयो देस में...। अब ऐसा ही एक प्रयोग भजन के माध्यम से कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए प्रवासी राजस्थानी कपड़ा व्यापारी प्रवीण पारीक ने भी किया है। इसमें उन्होंने ना केवल भजन गाया बल्कि उसकी व्यवस्थित तरीके से गुजरात, राजस्थान व मध्यप्रदेश के स्थलों पर राजस्थान के चिंटू प्रजापत, रीटा शर्मा समेत अन्य आर्टिस्टों के साथ शुटिंग भी की है। इस भजन के संबंध में प्रवीण ने बताया कि युट्यूब के कई चैनलों पर इस भजन को लाखों लोगों ने देखा और पसंद किया है। इस भजन के माध्यम से हनुमानजी महाराज की शक्ति का स्मरण कराकर कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की गई है। मीराबाई की जन्मस्थली राजस्थान में नागौर जिले के मेड़ता सिटी के पास पालड़ीकला गांव के प्रवीण पारीक का शहर के उधना क्षेत्र में गारमेंट का व्यवसाय है और वे बताते हैं कि कोरोना महामारी के विकट काल में धार्मिक आस्था ही है जो हमें मजबूती से लडऩे का बल प्रदान कर रही है और इसी उद्देश्य के साथ 'आ जाओ बजरंगबली उठा लो थारो घोटो, कोरोना री बीमारी ने अब तो बाबा मेटो...घुमा द र म्हारा बालाजी थारो घम्मड़-घम्मड़ घोटो...Ó यह भजन गाया गया है।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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