कम्युनिटी स्प्रेड रोकना अब बड़ी चुनौती

अनलॉक 3.0 के बाद घर के बाहर बढ़ेगा लोगों का दखल, रात में भी बेफिक्री बढ़ा सकती है मुश्किल

By: विनीत शर्मा

Published: 02 Aug 2020, 04:45 PM IST

विनीत शर्मा

सूरत. सूरती खिलंदड़पन अब लोगों को भारी पड़ सकता है। अनलॉक 1.0 और फिर 2.0 में जिस तरह से लोगों ने मिली आजादी का फायदा उठाया, उसने अनलॉक 3.0 को लेकर मनपा प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। लोगों को ज्यादा आजादी देने के सरकारी फैसले और लगातार बिगड़ रहे हालात में संतुलन साधने के लिए मनपा प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।

आंकड़े बताते हैं कि सूरत ही नहीं देशभर में लॉकडाउन के दौरान संक्रमण की जो स्थिति थी, अनलॉक सीरीज के बाद लगातार बदतर हुई है। शहर में अबतक करीब 11 हजार संक्रमित सामने आए हैं। इनमें ६२६३ मरीज तो अकेले अनलॉक 2.0 में सामने आए हैं। यानी जितने मरीज लॉकडाउन के सभी चरणों और अनलॉक 1.0 में नहीं मिले उससे ज्यादा संक्रमित अनलॉक 2.0 में मिल चुके हैं। यह आंकड़ा भविष्य की भयावह तस्वीर को सामने रख रहा है। जानकारों के मुताबिक जैसे-जैसे हम अनलॉक की तरफ जा रहे हैं, स्थितियां लगातार गंभीर हो रही हैं। लोग यह समझने को तैयार नहीं हैं कि मिल रही राहतों को जरूरत के वक्त ही इस्तेमाल किया जाए। अनलॉक 1.0 से ही शहर में हीरा और कपड़ा उद्योग कोरोना संक्रमण के फैलाव की बड़ी वजह बने थे। अकेले हीरा उद्योग से शहर में मिले संक्रमितों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से ज्यादा थी। हीरा और कपड़ा उद्योग में मिले संक्रमितों की संख्या शहर में कुल मिले संक्रमितों की संख्या का लगभग आधा है।

अनलॉक 3.0 में केंद्र सरकार ने कई बड़ी रियायतें दी हैं। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन ने भी उद्योगों को रियायतों की सौगात दी है। मनपा प्रशासन ने भी एसओपी में ढील देते हुए हीरा कारखानों में एक घंटी पर दो लोगों को बैठने की अनुमति दे दी है। जानकारों के मुताबिक एक घंटी पर दो लोगों को बिठाते ही सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल मुश्किल हो जाता है। यानी सख्त नियमों के बीच राहत की यह कोशिश संक्रमण के फैलाव को और बढ़ा सकती है। साथ ही कपड़ा मार्केट में भी अबतक चले आ रहे ऑड-इवन फार्मूले पर भी मनपा ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। इससे संक्रमण के विस्तार को पर्याप्त अवसर मिलेंगे।

अगर खुल जाते रेस्टोरेंट तो और बिगड़ती स्थिति

अनलॉक 2.0 में सरकार ने रेस्टोरेंट्स को भी खोल दिया था। कुछ रेस्टोरेंट्स ने काम भी शुरू किया, लेकिन ग्राहकों के नहीं आने पर अधिकांश ने रेस्टोरेंट बंद करना ही बेहतर समझा। साथ ही कई रेस्टोरेंट्स जो खुले भी उनमें ज्यादातर ने पार्सल बिजनस पर फोकस किया। जानकारों के मुताबिक यदि शहर के सभी रेस्टोरेंट्स खुल गए होते और लोगों की आवाजाही भी शुरू हो जाती तो शहर में संक्रमण के आंकड़े और भयावह होते।

हो रहा मंथन

अनलॉक 3.0 के दौरान स्थिति पर काबू पाने के लिए मनपा प्रशासन में इन दिनों बैठकों का दौर चल रहा है। अधिकारी बीते करीब एक सप्ताह से इसी माथापच्ची में हैं कि अनलॉक 3.0 में संक्रमण से निपटने को किस तरह की रणनीति तैयार की जाए। अधिकारियों को भी इनोवेटिव और इफेक्टिव प्रस्तावों के साथ बैठकों में आने की हिदायत दी जा रही है। मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक आगामी एक सप्ताह अनलॉक 3.0 के आगे के दिनों की तस्वीर सामने रख देगा।

विनीत शर्मा Reporting
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