वीएनएसजीयू और निजी विश्वविद्यालय की लड़ाई बीच विद्यार्थी हो रहे है परेशान

- वीएनएसजीयू परिसर में जमकर अनुदानित महाविद्यालय के प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन
- हंगामे को नियंत्रित करने के लिए परिसर में पुलिस भी रही उपस्थित

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 24 Jul 2021, 11:41 AM IST

सूरत.
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय और सार्वजनिक एजुकेशन सोसायटी की लड़ाई में अनुदानित महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा है। सोसायटी के अनुदानित महाविद्यालयों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर करने पर शुक्रवार को विवि परिसर में प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में उचित निर्णय लेने के लिए कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया। हंगामे को नियंत्रित करने के लिए परिसर में पुलिस भी उपस्थित रही।
सूरत के तीन शैक्षणिक संस्थानों को निजी विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया है। इसमें सार्वजनिक एज्यूकेशन सोसायटी भी शामिल है। सोसायटी के अंतर्गत के.पी.कॉमर्स, पी.टी.साइंस, एमटीबी आर्ट्स, एसपीबी और वी.टी.चौकसी कॉलेज कार्यरत है। यह सभी अनुदानित महाविद्यालय है। वीएनएसजीयू ने इन अनुदानित महाविद्यालयों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। साथ ही इन महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्राध्यापकों को विभिन्न पदों से भी दूर कर दिया है। इस कारण पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। शुक्रवार को इन महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विद्यार्थी वीएनएसजीयू परिसर में विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इनकी मांग है कि प्रवेश प्रक्रिया से महाविद्यालयों के बाहर कर दिया तो विद्यार्थियों को दुविधा होगी। साथ ही प्राध्यापकों भी भारी नुकसान होगा। इसलिए इस साल वीएनएसजीयू की ओर से ही प्रवेश देना चाहिए। साथ ही प्राध्यापकों को दूर करने का जो फैसला किया है उस पर पुन: विचार कर उचित निर्णय लेना चाहिए। अनुदानित महाविद्यालयों और उनके प्राध्यापक, कर्मचारी और प्राचार्य को लेकर सरकार की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। जब तक स्पष्टीकरण नहीं आता वीएनएसजीयू को कड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए। इस मामले में सोसायटी ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
- छात्र संगठन भी पहुंचे विरोध करने
छात्र संगठन युवा समिति भी इस मामले को लेकर शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन करने पहुंची। संगठन का कहना है कि अनुदानित महाविद्यालयों को बाहर कर देने से गरीब व मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों को नुकसान होगा। साथ ही कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बीच में भी छोड़ सकते हैं। इसलिए इन कॉलेज को वापस वीएनएसजीयू में शामिल करना चाहिए। संगठन की ओर से भी कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया।
- भीड़ के चलते उपस्थित रही पुलिस
शुक्रवार को वीएनएसजीयू में इस मामले को लेकर विरोध करने के लिए प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। हंगामा देखते हुए मामला बिचक भी सकता था। इसलिए हंगामे को शांत करने के लिए सुबह से ही पुलिस भी वीएनएसजीयू में तैनात रही।
- सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं दिखा पालन
विरोध प्रदर्शन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन देखने को नहीं मिला। सभी अपने भविष्य की चिंता को लेकर विरोध करते दिखाई दिए। लेकिन किसी को भी कोरोना का डर नहीं दिखाई दिया। जैसे सभी को कोरोना की कोई परवाह नहीं ऐसा लग रहा था। प्राध्यापक और विद्यार्थी पदों और पढ़ाई के भविष्य को लेकर एक साथ बड़ी संख्या में विरोध करते दिखाई दे रहे थे।
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Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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