किचन शुल्क बढ़ाने पर भड़के विद्यार्थी


सरकारी महाविद्यालय की घटना
पहले खुद खाना बना लेते थे, अब तीन हजार रुपए देने पड़ेंगे

Sunil Mishra

August, 0909:37 PM


दमण. सरकारी महाविद्यालय के छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों ने किचन शुल्क 3 हजार रुपए करने पर विरोध-प्रदर्शन किया। आदिवासी दिवस पर विद्यार्थियों ने गुरुवार सुबह कॉलेज के मुख्य दरवाजे पर रास्ता रोक कर विरोध जताया। मौके पर पहुंची पुलिस ने विरोध कर रहे विद्यार्थियों और यूथ एक्शन फोर्स के अध्यक्ष उमेश पटेल को हिरासत में ले लिया। सभी को पुलिस वाहन में बिठा लिया गया। रास्ता खुलते ही विद्यार्थी महाविद्यालय में प्रवेश कर पाए।

10 रुपए वाला श्रमयोगी भोजन दिया जाए
कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में बने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी पहले राशन अपने घर से लाकर मिलजुल कर किचन में खाना बनाते थे, जो उनको सस्ता पड़ता था। अब अचानक कॉलेज प्रबंधन ने कैंटीन शुरू कर दी है। इसके लिए तीन हजार रुपए प्रति माह लिए जा रहे हैं। यह राशि उन्हें ज्यादा लग रही है। छात्रावास में करीब 70 विद्यार्थी रहते हैं। इस बारे में विद्यार्थियों का कहना है कि यह व्यवस्था प्रथम वर्ष से लागू करना चाहिए और जो द्वितीय वर्ष में हैं वे पहले से अपना खाना स्वयं बना रहे हैं। इस समस्या को लेकर वे शिक्षा अधिकारियों से भी मिले। उनसे मांग की गई कि श्रमयोगी भोजन जो 10 रुपए में दिया जा रहा है वह उन्हें उपलब्ध कराया जाए। उपखंड पुलिस अधिकारी रवीन्द्र शर्मा ने पुलिस के वाहन बुलाकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और उमेश पटेल को हिरासत में लेने के बाद कुछ समय बाद सभी को छोड़ दिया।

93 रुपए में भोजन उपलब्ध-शिक्षा निदेशक
दमण के शिक्षा निदेशक हर्षित जैन ने बताया कि सरकारी महाविद्यालय के छात्रावास में जो विद्यार्थी रह रहे हैं, उनके भोजन का शुल्क 93 रुपए प्रतिदिन रखा गया है। इसमें उन्हें सुबह चाय नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय और रात्रि का भोजन दिया जाता है। यहां अन्य महाविद्यालयों की अपेक्षा 93 रुपए बहुत कम हैं। छात्रावास के विद्यार्थियों को इसमें सहयोग करना चाहिए।

Sunil Mishra Desk
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