म्यूकॉरमाइकोसिस के 5 और मरीजों का सफल ऑपरेशन

- एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों के इलाज में आ रही है दिक्कत

- न्यू सिविल और स्मीमेर में म्यूकॉरमाइकोसिस के 44 मरीज उपचाराधीन, कुछ मरीजों की हालत गंभीर

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 13 May 2021, 10:17 PM IST

सूरत.

शहर में म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में बुधवार को ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने म्यूकॉरमाइकोसिस के पांच मरीजों का सफल ऑपरेशन किया है। स्मीमेर अस्पताल ने गुरुवार को म्यूकॉरमाइकोसिस के पहले मरीज का ऑपरेशन किया था। न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में अब तक म्यूकॉरमाइकोसिस के 44 मरीज भर्ती हुए हैं। म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीज बढऩे और महंगे इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं होने से मरीजों और परिवार के लोग परेशान हो रहे हैं।

शहर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पिछले कुछ दिनों में घटी है। दूसरी तरफ अब म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीज बड़ी संख्या में सामने आने शुरू हो गए हैं। चिकित्सकों ने बताया कि डायबिटीज से पीडि़त और कोरोना संक्रमित मरीज पर स्टेरॉइड का इस्तेमामल करने से ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। सूरत में म्यूकॉराइकोसिस के मरीजों की संख्या बढऩे पर न्यू सिविल और स्मीमेर अस्पताल में अलग से वार्ड, ऑपरेशन थियेटर और डॉक्टरों की टीम तैयार की गई है। सूत्रों ने बताया कि न्यू सिविल अस्पताल में बुधवार तक म्यूकॉरमाइकोसिस के 25 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से तीन मरीजों का बुधवार को ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन किया।


ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जैमीन कॉन्टे्रक्टर के देखरेख में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल पटेल, डॉ. आनंद चौधरी की टीम ने ऑपरेशन किया है। अन्य 22 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। दूसरी तरफ स्मीमेर अस्पताल में 19 म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीज भर्ती हैं। इसमें से दो मरीजों की बुधवार को सर्जरी हुई है। स्मीमेर अस्पताल में मंगलवार को एक वृद्ध की सर्जरी भी हुई थी। अब तक दोनों सरकारी अस्पताल में कुल छह म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। बुधवार को जिन तीन मरीजों का ऑपरेशन होना है उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।


कम रोग प्रतिरोधक शक्ति वालों को खतरा अधिक

म्यूकॉरमाइकोसिस को ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है। इसमें मरीज के आंख, नाक, स्किन और फेफड़े को नुकसान होता है। कम रोग प्रतिरोधक शक्ति वाले लोगों को कोविड-19 होने के बाद जल्दी संक्रमित होने की आशंका रहती है।

मांगे 15000 एम्फोटेरेसिन बी केइंजेक्शन

न्यू सिविल, स्मीमेर समेत निजी अस्पतालों में म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दोनों सरकारी अस्पताल में 44 मरीज भर्ती है। वहीं निजी अस्पतालों में भी म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। म्यूकॉरमाइकोसिस के लिए जरुरी एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन बाजार में मिल नहीं रहा है। सूत्रों ने बताया कि न्यू सिविल अस्पताल के मेडिकल स्टोर से बुधवार को 15000 एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की मांग की है। पहले अस्पताल ने 2000 इंजेक्शन मांगे थे जिसमें से महज 275 इंजेक्शन ही सूरत को मिले हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सूरत शाखा ने भी बुधवार को मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि से मिलकर एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध करवाने की मांग की। आइएमए कोरोना एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. निर्मल चोरडिय़ा ने बताया कि म्यूकॉरमाइकोसिस मरीजों के इलाज में जरुरी एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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