सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुलिस आयुक्त की अधिसूचना की उड़ी धज्जियां

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुलिस आयुक्त की अधिसूचना की उड़ी धज्जियां

Sandip Kumar N Pateel | Publish: Nov, 10 2018 08:31:00 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 08:31:01 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

रात से सुबह तक गूंजते रहे धमाके

सूरत. बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से दीपावली पर रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे फोडऩे के आदेश के बाद पुलिस आयुक्त की ओर से जारी अधिसूचना की दीपावली और गुजराती नव वर्ष पर जमकर धज्जियां उड़ीं। लोगों ने पुलिस कार्रवाई की फिक्र किए बिना रात से सुबह तक जमकर पटाखे फोड़े। सभी इलाकों में रह-रह कर पटाखों के धमाके गूंजते रहे। पुलिस ने भी मानो अपने कान बंद कर रखे थे, इसीलिए तीन दिन में एक भी व्यक्ति के खिलाफ अधिसूचना भंग करने का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

 


सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दीपावली या अन्य त्योहारों पर सिर्फ रात आठ से दस बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकते हैं। दीपावली से एक दिन पहले अहमदाबाद पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर दो जनों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सूरत पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई थी। पुलिस आयुक्त ने अधिसूचना जारी कर 5 नवम्बर से 25 नवम्बर तक रात आठ से दस बजे के अलावा पटाखे फोडऩे पर प्रतिबंध लगा दिया था। अधिसूचना में कहा गया था कि यदि अधिसूचना का कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस गश्त भी लगाएगी, लेकिन पुलिस आयुक्त की अधिसूचना कागज पर ही धरी रह गई। दीपावली और गुजराती नव वर्ष पर लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पुलिस आयुक्त की अधिसूचना की जमकर धज्जियां उड़ाईं। लोगों ने रात से सुबह तक और दिन में भी जमकर पटाखे फोड़े। उन पर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी का कोई असर देखने को नहीं मिला। पुलिस ने भी अधिसूचना जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

 


पुलिस आयुक्त की अधिसूचना में कहा गया था कि रात आठ से दस बजे तक पटाखे फोड़ते वक्त यह ध्यान भी रखना होगा कि आसपास अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, हॉस्टल, सीएनजी पम्प, पेट्रोल पम्प और धार्मिक स्थल नहीं हों। ऐसे स्थलों के आसपास पटाखे फोडऩे पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बावजूद कई इलाकों में अस्पताल, स्कूल-कॉलेजों और धार्मिक स्थलों के आसपास भी पटाखों के धमाके गूंजते रहे।

 


अधिसूचना के पालन के लिए सभी थानों की पुलिस को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे। अधिसूचना में बताया गया था कि पुलिस रात दस बजे बाद अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त लगाएगी और यदि कोई पटाखे फोड़ते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर पटाखों के बारे में उसके निर्देशों का कहीं उल्लंघन होता है तो इसके लिए उस इलाके के थाना प्रभारी को जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।

 


दीपावली के बाद शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। शादियों में भी पटाखे रात आठ बजे से 10 बजे तक ही फोड़े जा सकेंगे। क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर पटाखे फोडऩे का समय रात 11:55 से 12:30 बजे तक रहेगा। गौरतलब है कि दिल्ली के तीन बच्चों ने नागरिकों के स्वास्थ्य पर खतरों का हवाला देकर पटाखों के निर्माण, बिक्री और फोडऩे पर रोक लगाने की मांग करते हुए अपने अभिभावकों के जरिए वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए पिछली 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के बारे में सख्त निर्देश जारी किए थे। सर्वोच्च अदालत ने पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाते हुए कहा था कि अगर पटाखा निर्माताओं ने पटाखों के निर्माण में ध्वनि मापदंडों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।

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