सूरत शहर में सिर्फ 70 हजार वेतनभोगी कर्मचारी भरते हैं आयकर रिटर्न!

जानकर आश्चर्य होगा कि विकास की दौड़ में अग्रणी और सिल्कसिटी व डायमंड सिटी के नाम से मशहूर सूरत शहर में सिर्फ 70 हजार वेतनभोगी रिटर्न फाइल...

By: मुकेश शर्मा

Published: 25 Apr 2018, 10:51 PM IST

सूरत।जानकर आश्चर्य होगा कि विकास की दौड़ में अग्रणी और सिल्कसिटी व डायमंड सिटी के नाम से मशहूर सूरत शहर में सिर्फ 70 हजार वेतनभोगी रिटर्न फाइल करते हैं। इसमें भी टैक्सेबल आय वाले तो इसका 10 प्रतिशत ही हैं।

मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण गुजरात में रिटर्न फाइल करने वाले वेतनभोगी की संख्या साढे तीन लाख है, जिसमें सूरत में सिर्फ 70 हजार हैं। सूरत के वेतनभोगी करदाताओं से आयकर विभाग को ५0 करोड़ रुपए तक की आय होती है। वेतनभोगी करदाताओं में छह हजार करदाता ऐसे हैं, जिनकी आय 10 लाख से अधिक है। दो करदाता ऐसे हंै जिनकी आय पचास लाख रुपए से अधिक और एक करदाता की आय 80 लाख रुपए से अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में सूरत कमिश्नरेट में लगभग ढाई लाख करदाता बढ़े हैं, जबकि वेतनधारकों में तीन साल में सिर्फ दो हजार करदाता बढ़े हैं। सूरत कमिश्नरेट में रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या लगभग 17.81 लाख है, जिसमें कि वेतनधारकों की संख्या 70 हजार के करीब है।

आयकर अधिकारियों का कहना है कि सूरत के कपड़ा उद्योग में 10 लाख, हीरा उद्योग में पांच लाख, कपड़ा बाजार में लगभग 10 लाख और अन्य स्थानों पर कम से कम पांच लाख लोग काम करते हैं।
फिर भी रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या इतनी कम है। इसका मतलब यह है कि कंपनी संचालक टीडीएस काटे बिना ही नकद में पेमेन्ट कर रहे हैं। विभाग ऐेसे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

योगा मेें निपुण तो फीजियोथेरेपी में मिलेगी वरीयता

योगा में निपुण होने वाले विद्यार्थियों को फीजियोथेरेपी पाठ्यक्रम के प्रवेश में पहला अवसर दिया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस बारे में निर्णय किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एमएचआरडी के इस निर्णय पर अमल करने के लिए सभी संबद्ध विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को आदेश दिया है।

फीजियोथेरेपी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच कड़ी स्पर्धा होने लगी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फीजियोथेरेपी पाठ्यक्रम के प्रवेश नियम में एक नया नियम जोड़ा है। फीजियोथेरेपी के ग्रेज्युएट पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी योगा में निपुण हों तो उन्हें प्रवेश का पहला अवसर देने का तय किया गया है। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी के पास योगा प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।

जिस विद्यार्थी ने योगा में एक वर्ष का डिप्लोमा किया हो उसे प्रवेश में वरीयता मिलेगी। एमएचआरडी के इस नियम को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने लागू कर दिया है। यूजीसी ने सभी संबद्ध महाविद्यालयों को इस नियम का पालन करने का आदेश दिया है।

यूजीसी ने नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 से ही इस नियम को लागू कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

मुकेश शर्मा Reporting
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