scriptSurat Crime Branch caught a young man of African origin from Bangalore | kidney cyber crime : देश के 50 अस्पतालों की बेवसाइट बना कर किडनी के नाम पर करोड़ों की ठगी | Patrika News

kidney cyber crime : देश के 50 अस्पतालों की बेवसाइट बना कर किडनी के नाम पर करोड़ों की ठगी

-- सूरत क्राइम ब्रांच अफ्रीकी मूल के युवक को बैंगलूरू से पकड़ा

- चार करोड़ में किडनी खरीदने का झांसा देकर कई लोगों के साथ की ठगी

 

सूरत

Published: July 18, 2021 09:25:46 am

सूरत. साइबर क्राइम पुलिस ने बैंगलुरू से पश्चिमी अफ्रीकी देश आईवरी कोस्ट के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है। वह चार करोड़ रुपए में किडऩी खरीदने का झांसा देकर लोगों के साथ लाखों रुपए ठगी का रैकेट चलाता था। उसने सूरत के एक युवक को अपने जाल में फंसा कर उससे 14.78 लाख रुपए की ठगी की थी।
kidney cyber crime : देश के 50 अस्पतालों की बेवसाइट बना कर किडनी के नाम पर करोड़ों की ठगी
kidney cyber crime : देश के 50 अस्पतालों की बेवसाइट बना कर किडनी के नाम पर करोड़ों की ठगी
वह अपने साथियों की मदद से देशभर में ऑनलाइन ठगी का रैकेट चलाता था। उसके आठ बैंक खातों में 1.31 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। वहीं, पुलिस ने उसके खातों में रखे 7.50 लाख रुपए फ्रिज किए हैं। पुलिस उससे उसके साथियों व देशभर में हुई ठगी की घटनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है।
kidney cyber crime : देश के 50 अस्पतालों की बेवसाइट बना कर किडनी के नाम पर करोड़ों की ठगीशहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया चार दिन पूर्व नानपुरा निवासी अरबाज नाम के युवक ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। तकनीकी सर्वेलंस के आधार पर जांच करते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने बैंगलुरू शहर के विग्रोनगर इलाके से विदेशी युवक टोटी डागो ग्रेगोरे (33) को पकड़ा। उसके कब्जे से राउटर, कम्प्यूटर व चार मोबाइल फोन जब्त किए।
पश्चिमी अफ्रीकी देश आईवरी कोस्ट के मूल निवासी ने टोटी ने अपने साथियों की मदद से अरबाज के साथ ठगी करना कबूल किया है। वह 2007 में बीसीए (बैचलर इन कम्प्यूटर एपलिकेशन) करने के लिए स्टूडेंट विजा पर भारत आया था। फिर यहीं रुक गया था। बैंगलूरू में किराए के मकान में रह कर उसने ऑनलाइन फ़्रॉड करना शुरू किया।
2011 में उसके खिलाफ बैंगलुरू शहर के बनासवाड़ी पुलिस थाने में फर्जी बोनोफाइड बनाने का मामला भी दर्ज हुआ था। पिछले साल उसने चार करोड़ रुपए में किडऩी खरीदने का झांसा देकर लोगों को साथ ठगी का गोरखधंधा शुरू कर देशभर में कई लोगों को शिकार बनाया।
50 प्रतिष्ठित अस्पतालों की फर्जी बेवसाइट से फिशिंग:

बीसीए कर चुके टोटी ने अपने ज्ञान का उपयोग कर अपोलो हॉस्पिटल, मैक्स सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, लीलावती हॉस्पिटल, टाटा मेमोरीयल हॉस्पिटल, गॉर्डन सिटी हॉस्पिटल, फोर्टीज हॉस्पिटल, बैंगलुरू के मनीपाल हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पतालों की वेबसाइट देखी फिर गत वर्ष सितम्बर अक्टूबर में हूबहू वैसी ही फर्जी वेबसाइ्टस बनाई।
जिनमें उसने किडनी देने पर चार करोड़ रुपए के ऑफर वाला विज्ञापन डाला और संपर्क के लिए अपने मोबाइल नम्बर दे दिए। जिसमें लिखा था कि शरीर में दो किडनियां होती हैं और एक किडनी देने के बाद भी व्यक्ति सामान्य जिंदगी जी सकता हैं। इन नम्बर पर संपर्क करने वालों से व्हॉट्सएप चैट के जरिए अलग- अलग डॉक्टरों के नाम से बातचीत करता था।
उन्हें जाल में फंसाने के बाद आरबीआई, आयकर समेत विभिन्न तरह के चार्ज बता कर अलग-अलग बैंक खातों में उनसे रुपए ऐंठता था। उसने आरबीआई के क्षेत्रीय अधिकारी रुचिर सोनकर के नाम का फर्जी ईमेल आइडी भी बना रखा था।
दर्जनों फर्जी वेबसाइट व ईमेल आईडी :


टोटी सिर्फ किडनी का खरीदने का झांसा देकर ही ठगी नहीं करता था, बल्कि सभी तरह की ऑनलाइन ठगी के लिए उसने फर्जी वेबसाइट्स व ईमेल आईडी आदि बना रखे थे। इनमें फोरेक्स ट्रैडिंग, बीट कोइन इन्वेस्टमेंट, वीडियो एडिटिंग कर केबीसी में लॉटरी, यूके, यूएसए कनाड़ा समेत अन्य देशों में विभिन्न तरह की नौकरी का झांसा, आस्टेलिया, कनाड़ा, पोलेन्ड, स्पेन, बैल्जियम का विजा दिलवाने का झांसा, विजा ट्रैकिंग के लिए फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। उसने आरबीआई के नाम की चार फर्जी ईमेल आईडी बना रखी थी।
ऐसे फंसा था अरबाज जाल में :

नानपुरा हबीबशाह मोहल्ले में रहने वाला अरबाज पुराने दुपहिया वाहनों की खरीद- फरोख्त का कारोबार करता है। लॉकडाउन के दौरान उसकी बहन की शादी करने के कारण उस पर कर्ज हो गया था। उस दौरान गूगल पर उसने सेल किडनी फॉर मनी सर्च किया और बेंगलुरू के मनीपाल हॉस्पिटल की वेबसाइट का पेज खुला। उसमें चार करोड़ रुपए का प्रस्ताव और डॉ. शिल्पा कुमार का नम्बर था। उसने संपर्क किया तो कॉल कट हो गया।
फिर उसे व्हॉट्सएप कॉल आया। डिटेल जानने के बाद रजिस्ट्रेशन फीस के 9 हजार 999 रुपए अकाउन्ट में ट्रांसफर करने के लिए कहा। रुपए ट्रांसफर करने पर एक सर्टीफिकेट भेजा। फिर बातया कि प्रक्रिया होने के बाद दो करोड़ रुपए आपके खाते में ट्रांसफर होंगे और फिर किडनी निकाली जाएगी। शेष दो करोड़ उसके बाद ट्रांसफर किए जाएंगे। उसके बाद अलग-अलग तरह के चार्ज बता कर टुकड़ों में अरबाज से अलग अलग खातों में 14.78 लाख रुपए जमा करवा दिए। फिर चैटिंग बंद कर दी।

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