SURAT DAYRI:'गुरु की शरण में ही जन्म-मरण का खात्माÓ

सद्गुरु स्वामी बसंतराम महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष में मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी से आयोजित पांच दिवसीय प्रवचन शृंखला

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 26 Dec 2020, 09:34 PM IST

सूरत. सद्गुरु स्वामी बसंतराम महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष में मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी शुक्रवार से आयोजित पांच दिवसीय प्रवचन शृंखला में स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने शनिवार सुबह जन्म-मरण के चक्कर से मुक्ति पाने के लिए गुरु की शरण को सर्वश्रेष्ठ स्थल बताया। शास्त्री सिटीलाइट के प्रेमप्रकाश आश्रम में श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि सद्गुरु के सत्संग में जाकर उनके प्रवचनों पर अमल करने से जीवन में सद्गुणों की उत्पत्ति होती है और दैवीय संपदा के गुण भीतरी शक्ति से पनपते हैं। परमपिता परमेश्वर के खाते में सबके बहीखाते है और सभी को सदैव उन बहीखातों में हिसाब शुद्ध रखने के लिए सात्विक आचरण करना चाहिए। व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्कर से ऊपर उठने की ईच्छा सद्गुरु की शरण में ही पूरी हो सकती है। चौरासी लाख योनियों में भटकने से बचना है तो संतों से ज्ञान श्रवण कर स्वयं को चरित्रवान, सदाचारी बनाो। आश्रम में पांच दिवसीय प्रवचन शृंखला कोविड-19 की गाइडलाइन के मुताबिक रखी गई है।

अलका अध्यक्ष और मोनिका बनी मंत्री


सूरत. अग्रवाल समाज ट्रस्ट, महिला इकाई सूरत का गठन शनिवार को घोड़दौडऱोड स्थित अग्रवाल समाज भवन में किया गया। नई कार्यकारिणी में अलका अग्रवाल को अध्यक्ष और मोनिका अग्रवाल को मंत्री बनाया गया है। इनके अलावा संगीता अग्रवाल कोषाध्यक्ष, उमा गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष, निशि अग्रवाल व चित्रा अग्रवाल उपाध्यक्ष, मीनाक्षी मोदी संगठन मंत्री, प्रेमलता अग्रवाल सहमंत्री तथा मनीषा सोंथलिया सहकोषाध्यक्ष नियुक्त की गई है। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकिशोर शाह, मंत्री रामप्रसाद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष ब्रजमोहन अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष मित्तल, सहकोषाध्यक्ष राजेश किला व अरुण पाटोदिया आदि मौजूद थे।

गीता जयंती पर गीता पाठ आयोजित


सूरत. मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी गीता जयंती के अवसर पर शुक्रवार को मजूरागेट के निकट नंदलाल भवन में श्रीभगवद्गीता के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अरविंददक्षदास प्रभु ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि इसी दिन कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने वीर धर्नुधर अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था और इसे मोक्षदा एकादशी के रूप में भी मनाते हैं। गीता जयंती पर गीता पाठ कार्यक्रम के दौरान कई श्रद्धालु मौजूद थे।

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Dinesh Bhardwaj Reporting
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