SURAT KAPDA MANDI: 1000 करोड़ के कारोबार का आसार

सूरत कपड़ा मंडी में तेज व्यापारिक मूवमेंट की संभावना, श्राद्ध पक्ष में ठीकठाक व्यापार की बंध रही है उम्मीद, तीसरी लहर पर भी है नजरें

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 13 Sep 2021, 07:58 PM IST

सूरत. लम्बे अंतराल के बाद सूरत कपड़ा मंडी में व्यापारिक मूवमेंट के अच्छे आसार बनते प्रतीत हो रहे हैं। सबकुछ ठीकठाक रहा तो अगले दिनों में ग्राहकी के शॉर्ट पीरियड श्राद्ध पक्ष के दौरान एक हजार करोड़ से अधिक का कपड़ा कारोबार होने की उम्मीदें प्रबल बन रही है। इस बीच कोरोना की तीसरी लहर की संभावित आशंका पर भी सभी की नजरें टिकी है और इसी का नतीजा है कि कपड़ा व्यापारी पूरी सतर्कता के साथ कपड़ा व्यापार में आगे बढ़ रहे हैं और नए क्रिएशन के बजाय स्टॉक क्लीयरेंस को ही फिलहाल पूरी तरजीह दे रहे हैं।
देश और दुनिया में साड़ी-ड्रेस और अब गारमेंट्स पहुंचाने वाली सूरत कपड़ा मंडी लम्बे अंतराल तक व्यापारिक मायूसी झेलने के बाद अब व्यापारिक हलचल को महसूस कर रही है। मंडी के कपड़ा व्यापारियों के यहां हल्की-फुल्की व्यापारिक पूछपरख में सोशल मीडिया के अलावा ऑफलाइन खरीदारी का दौर भी शामिल होने लगा है। बाहरी मंडियों के कपड़ा व्यापारी सूरत कपड़ा मंडी पहुंच रहे हैं और कोरोना काल में जरूरत के मुताबिक साड़ी-ड्रेस व गारमेंट्स माल की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय कपड़ा व्यापारी भी नया माल तैयार करवाने के बजाय स्टॉक क्लीयरेंस को ही मौजूदा व्यापार में पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। श्राद्ध पक्ष शुरू होने में अभी आठ-दस दिन शेष है, लेकिन श्राद्ध पक्ष की ग्राहकी की उम्मीद सूरत कपड़ा मंडी में अभी से बंधने लगी है। व्यापारियों की इस उम्मीद में वैक्सीनेशन ड्राइव बेहद महत्वपूर्ण तरीके से उभरकर सामने आ रहा है। उनके मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर का भय अवश्य है लेकिन, वैक्सीनेशन ड्राइव की लगातार सफलता से अब यह कम होता जा रहा है और नतीजन व्यापारियों के हौंसले मजबूत हुए हैं तो पुराना माल भी बिका है और पैमेंट भी धीमी रफ्तार से आने लगा है। यहीं वजह है कि दीपावली सीजन के प्रति नए क्रिएशन का हल्का-फुल्का मूड भी कपड़ा व्यापारी बनाने लगे हैं।

-श्राद्ध पक्ष में बन रही है अधिक उम्मीद-

कोरोना महामारी के आगमन से पहले तक 15 दिवसीय श्राद्ध पक्ष को सूरत कपड़ा मंडी में अच्छी ग्राहकी का शॉर्ट पीरियड गिना जाता रहा है और महज इन पंद्रह दिनों में ही 1500 से 2000 करोड़ रुपए का कारोबार हो जाता था। कोरोना काल के दूसरे साल में इस बार भी अच्छी ग्राहकी के शॉर्ट पीरियड श्राद्ध पक्ष से कपड़ा व्यापारियों को उम्मीद है और उनका मानना है कि पिछले वर्ष 500 से 700 करोड़ का कारोबार इस पीरियड में हुआ था जो कि इस बार सब ठीकठाक रहा तो 800 से 1000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

-दुर्गा पूजा व दीपावली का रहेगा जोर-

कोरोना महामारी का फिलहाल सर्वाधिक असर दक्षिण भारत के केरल में दिख रहा है और इस बीच पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की ग्राहकी का जोर बनने लगा है। इसके अलावा उत्तर भारत की सभी छोटी-बड़ी कपड़ा मंडियों से भी व्यापारिक पूछपरख सूरत कपड़ा मंडी में होने लगी है। इन सबको स्थानीय कपड़ा व्यापारी श्राद्ध पक्ष में अच्छी ग्राहकी के संकेत के रूप में गिन रहे हैं, हालांकि साड़ी-ड्रेस व गारमेंट्स में नए क्रिएशन के बजाय रेडी टू स्टॉक की सेल पर ही अधिक ध्यान केंद्रित है।

-तीसरी लहर की आशंका में बचाव की तैयारी-

अच्छी ग्राहकी के शॉर्ट पीरियड श्राद्ध पक्ष में खरीदारी के लिए सूरत कपड़ा मंडी पहुंचने वाले बाहरी मंडियों के कपड़ा व्यापारी कोरोना की तीसरी लहर के प्रति भी सचेत है। यहीं कारण है कि इन दिनों तेजी से वैक्सीनेशन ड्राइव सूरत समेत देशभर में चल रहा है। कपड़ा व्यापारी भी मानने लगे हैं कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन बेहद आवश्यक है और यहीं संभावित तीसरी लहर को रोद्र रूप दिखाने से रोक सकता है। वैक्सीनेशन की सलाह स्थानीय कपड़ा व्यापारी भी परिचित ग्राहक व्यापारियों को दे रहे हैं।

-वैक्सीन बनेगी व्यापारिक सहारा-

सूरत कपड़ा मंडी में बाहरी मंडियों के व्यापारी आने लगे हैं और सभी को वैक्सीनेशन के प्रति लगातार आगाह किया जा रहा है। उम्मीद है कि अच्छी ग्राहकी के शॉर्ट पीरियड श्राद्ध पक्ष में वैक्सीन कपड़ा कारोबार का सहारा बन सकें।

-नवलेश गोयल, कपड़ा व्यापारी, न्यू बोम्बे मार्केट

-व्यापार का बदलने लगा है तरीका-

श्राद्ध पक्ष में ग्राहकी की पूरी उम्मीद है और स्थानीय व्यापारियों ने भी व्यापार का तरीका बदला है। कपड़ा कम बनाने और अधिक बिक्री के फार्मूेले को सूरत कपड़ा मंडी अपनाने लगी है, जिससे कपड़े की उपलब्धता कम और डिमांड अधिक की संभावना होने लगी है।

-किशन गाडोदिया, कपड़ा व्यापारी, मिलेनियम-2 मार्केट

-नया तो नहीं पर अच्छी उम्मीद-

दुर्गा पूजा व दीपावली के लिए कुछ खास तैयारियां कोरोना की वजह से नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से देशभर में व्यापारिक माहौल बन रहा है उससे लगता है कि श्राद्ध पक्ष व उसके बाद में भी ग्राहकी की उम्मीद अच्छी रहेगी।

-गिरीशकुमार फतनानी, कपड़ा व्यापारी, मिलेनियम-2 मार्केट

Dinesh Bhardwaj Reporting
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