SURAT KAPDA MANDI: कपड़ा व्यापारियों का भी बने सुगठित संगठन

जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में कपड़ा बाजार क्षेत्र संबंधी समस्याओं को दी जानकारी

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 21 Sep 2020, 09:25 PM IST

सूरत. चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समान सूरत कपड़ा मंडी के 75 हजार से ज्यादा कपड़ा व्यापारियों का भी सुगठित संगठन होना चाहिए, जिसे सरकार की मान्यता हों। यह बात सोमवार को सूरत मर्केंटाइल एसोसिएशन ने सूरत जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में कही है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि शहर के वार्ड एक से दस तथा अन्य विस्तार में अशांतधारा कानून है। इस कानून के अन्तर्गत एक धर्म से दूसरे धर्म में मिलकत की अदला-बदली में अनुमति की जरूरत होती है। यह कानून आवासीय क्षेत्र में तो ठीक है लेकिन, व्यावसायिक क्षेत्र में इसमें सुधार की आवश्यकता है क्योंकि, कपड़ा बाजार क्षेत्र में सभी धर्मों के लोग व्यापार करते हैं। कोरोना महामारी से उपजे व्यापारिक संकट में सूरत कपड़ा मंडी के सभी 75 हजार व्यापारियों को एमएसएमई का दर्जा देकर पांच साल के लिए 5 से 10 लाख का लोन बगैर गारंटी 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर से केंद्र सरकार के सहयोग से मिलना चाहिए। एसएमए ने सूरत जिला कलक्टर को सौंपे ज्ञापन में यह भी बताया कि सूरत कपड़ा मंडी में 75 हजार कपड़ा व्यापारी है और इनका संगठन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समान सरकार मान्य होना चाहिए ताकि कपड़ा बाजार व व्यापार संबंधी समस्याओं को समय-समय पर सरकार तक पहुंचाया जा सकें। सूरत जिला कलक्टर धवल पटेल से मिलने गए एसएमए प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख नरेंद्र साबू, आत्माराम बाजारी, अशोक गोयल, राजीव ओमर आदि शामिल थे।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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