SURAT KAPDA MANDI: साखदार सूरत कपड़ा मंडी की साख पर आंच!

सूरत कपड़ा मंडी में जहां ऑनलाइन कपड़ा कारोबार बढ़ा तो धोखाधड़ी की शिकायतें भी, व्यापारी अब इससे निपटने को है तैयार

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 21 Jul 2021, 06:41 PM IST

सूरत. कोरोना काल में सूरत कपड़ा मंडी में डिजीटल प्लेटफार्म का उपयोग कपड़ा कारोबार के लिए काफी मात्रा में बढ़ गया है तो इसके दुरुपयोग की शिकायतें भी आम होने लगी है। देश-दुनिया में साखदार सूरत कपड़ा मंडी की साख पर ऑनलाइन चीटिंग आंच के समान है और इससे निपटने के लिए अब मंडी के ही कपड़ा व्यापारी एक नए तरीके से प्लेटफार्म तैयार करने लगे हैं।
हजारों कपड़ा व्यापारियों की सूरत कपड़ा मंडी के एक व्यापारिक संगठन सौराष्ट्र टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने ऑनलाइन कपड़ा कारोबार में अच्छा दिखाकर खराब माल भेज देने की बुरी व्यापार नीति को सूरत कपड़ा मंडी से दूर करने का एक मजबूत प्रयास प्रारम्भ किया है। यह प्रयास एसोसिएशन ने एक ही छत के नीचे सूरत कपड़ा मंडी के एक सौ एक ब्रांडेड साड़ी, ड्रेस व गारमेंट फर्मों को जमा किया है और यह सभी फर्मे आगामी एक अगस्त से सूरत रेलवे स्टेशन के निकट नई टैक्सटाइल मार्केट से एक नए डिजीटल प्लेटफॉर्म के साथ ऑनलाइन व ऑफलाइन कपड़ा कारोबार प्रारम्भ करेगी। इसमें सौराष्ट्र टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन ऑनलाइन कस्टमर के लिए सेलर के रूप में काम करेगा और इसके लिए पोर्टल बनाने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।

-धोखाधड़ी का तरीका वो ही पुराना

डिजीटल प्लेटफार्म पर कपड़ा कारोबार में कई बदमाश तत्व सूरत कपड़ा मंडी में सक्रिय है और वे ऑनलाइन ग्राहकों को साड़ी-ड्रेस के माल में दिखाते कुछ और है और भेजते कुछ अलग। ऐसे व्यापारी डिजीटल प्लेटफार्म के फेसबुक, यूट्यूब आदि पर एक हजार रुपए की कीमत वाली साड़ी दिखाते हैं और उसे 500 रुपए में देने का वादा ग्राहकों से करते हैं। आधी कीमत के लोभ में ग्राहक डिजीटल पैमेंट कर वह साड़ी मंगवाता है तो उसे सौ रुपए मूल्य की अथवा कटी-फटी साड़ी मिलती है। इतना ही नहीं कई बार तो पैमेंट मिलने के बाद ग्राहक को माल भी नहीं भेजने की शिकायतें भी आती है।

-यह है ऑनलाइन कारोबार के फायदे

-24 घंटे देश-दुनियाभर में सक्रिय व्यापार
-समय और सीमा की कोई पाबंदी नहीं।
-व्यापार में अतिरिक्त आय का जरिया
-बहुत ज्यादा संसाधनों की भी आवश्यकता नहीं
-शत-प्रतिशत भुगतान की सुरक्षा
-शत-प्रतिशत पारदर्शी व्यापार नीति
-ग्राहकों का नया क्षेत्र प्रतिदिन तैयार
-व्यापार विकास की शत-प्रतिशत गारंटी

-यह नुकसान भी है

-माल वापसी की गुंजाइश अधिक
-ऑनलाइन व्यापार में असमंजस भी बरकरार
-क्रय शक्ति पर व्यापार की निर्भरता
-खुले मार्केट में छोटे कारोबार से असुरक्षा का अंदेशा
-ग्राहक भी करते हैं चीटिंग

-ऑनलाइन से भी सस्ता

यहां साड़ी, ड्रेस, गारमेंट कारोबार ऑनलाइन व ऑफलाइन तरीके से होगा और यह रिटेलर्स आउटलेट होने से दोनों ही तरीके में सस्ता रहेगा। इससे ग्राहकों के साथ ऑनलाइन चीटिंग भी रुकेगी और सूरत कपड़ा मंडी की साख भी बनी रहेगी।

दीपक शेट्टा, उपाध्यक्ष, सौराष्ट्र टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन

-इंस्टाग्राम ह्यूज प्लेटफार्म

ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में फेसबुक व यूट्यूब का उपयोग बदमाश तत्व अधिक कर रहे हैं। वहीं, इंस्टाग्राम ऑनलाइन ट्रेड का ह्यूज प्लेटफार्म बनता जा रहा है। ऑनलाइन चीटिंग सेलर व ग्राहक दोनों ही तरफ से होती है।

नेहा साबू, ऑनलाइन ट्रेडर्स

-रोज आती है शिकायतें

सूरत कपड़ा मंडी में ऑनलाइन कपड़ा कारोबार में चीटिंग की शिकायतें अब आम सी हो चुकी है जो कि अच्छे संकेत नहीं है। सौराष्ट्र टैक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिशन का प्रयोग देखने लायक होगा और बाद में इसे आजमाया भी जाएगा।

नरेंद्र साबू, प्रमुख, सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन

Dinesh Bhardwaj Reporting
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