MANSOON NEWS: बारिश से सिलवासा एसटी बस डिपो परिसर तालाब में तब्दील

पहली बारिश होते ही बस स्टेण्ड की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई
डेढ़ से दो फीट पानी से गुजरना पड़ता है यात्रियों को

सिलवासा. सिलवासा एसटी बस डिपो दानह और गुजरात परिवहन की संयुक्त परियोजना है, इसके बावजूद वह दुर्दशा का शिकार है। बस स्टेण्ड परिसर में पानी भरने से यात्री परेशान हैं। सामने की सडक़ एवं गटर ऊंचे होने के कारण आसपास का पानी बस स्टेण्ड परिसर में जमा हो रहा है, जिससे परिसर पानी का तालाब बन गया है। मानसून पूर्व कार्यों में सिलवासा नगर परिषद ने गटर सफाई में दो करोड़ खर्च किए हैं। इसके बावजूद परिसर से पानी का सही निकास नहीं हो पा रहा है। बारिश में बस स्टेण्ड की इमारत दरिया में खड़ी होने का अहसास करा रही है। इमारत के चारों और एक-डेढ़ फीट जलभराव होने से अधिकांश यात्री ऑटो की मदद ले रहे हैं।
पहली बारिश होते ही बस स्टेण्ड की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। बस स्टेण्ड की इमारत आसपास के विस्तार से करीब दो फीट गहराई में है। यहां बस स्टेण्ड के अलावा आसपास का पानी भी जमा हो रहा है। परिसर से निकलने वाली निकास नालियों का संबंध गटर से है, लेकिन वे जाम पड़े हैं। प्रशासन ने अवरूद्ध गटरों को साफ करने के लिए जेसीबी की मदद ली, लेकिन शाम तक सफलता नहीं मिली। सिलवासा बस स्टेण्ड से गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, गोधरा, दाहोद तक बस जाती हैं। इसी तरह महाराष्ट्र के शिर्डी, नासिक, जलगांव, बोरिवली तक रोजाना बस सेवाएं हैं। यहां से प्रतिदिन करीब 7 से 8 हजार यात्री विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। बारिश में यात्रियों और बसों को पानी में खड़े होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पीडबल्यूडी के अधिकारी परिसर से पानी निकालने के लिए दिनभर लगे रहे।

Sunil Mishra Desk
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