SURAT NEWS: 11 वर्षीया भाविका ने लाखों जन में भरा राम नाम का भाव

संक्षिप्त श्रीरामकथा के माध्यम से श्रीराममंदिर निर्माण में बनी बड़ी सहयोगी, जेल में तीन हजार कैदियों को भी पढ़ाया राम-नाम का पाठ

 

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 11 Oct 2021, 09:16 AM IST

सूरत. कहते है न पूत के पग पालणे ही दिख जाते हैं...बस ऐसी ही सूरत की 11 वर्षीया भाविका माहेश्वरी है। पहले अल्पायु में स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों को मोबाइल एडिक्ट के हानि-लाभ बताए और जब वैश्विक कोरोना महामारी आई तो लॉकडाउन में पहले श्रीरामचरितमानस ग्रंथ की चौपाईयों का ऑनलाइन एक सौ आठ मोती का संग्रह किया। इसके बाद भाविका ने बालव्यास के रूप में संक्षिप्त श्रीरामकथा के आयोजनों की शुरुआत की और देखते ही देखते जन-जन के बीच राम नाम की महिमा का गुणगान प्रारम्भ कर दिया। इसी बीच भाविका ने अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण में सहयोगार्थ सूरत के विभिन्न क्षेत्र में भामाशाहों के सहयोग से संक्षिप्त श्रीरामकथा के आयोजन किए और 52 लाख रुपए की राशि संग्रहित कर श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण न्यास ट्रस्ट को सौंपी। इसके बाद दक्षिण गुजरात की सबसे बड़ी लाजपोर जेल में 3 हजार कैदियों के बीच श्रीरामकथा के माध्यम से विचार शुद्धि का प्रयास किया और हरियाणा में इसी दौरान पांच दिवसीय कथा आयोजन किया। भाविका के भावों में कोई कमी नहीं आई और पिछले समय में उसने 10 हजार पौधे लगाने के उद्देश्य से फ्री पब्लिक स्पीकिंग सैकड़ों बच्चों को सिखाई है। भाविका को कई उपलब्धियां भी हासिल हुई है और इसमें वल्र्ड स्क्रीन रेस्क्यू प्रालि कंपनी की वल्र्ड यंगेस्ट सीईओ बनी। इसके अलावा भारत सरकार में रजिस्टर्ड मोबाइल एडिक्शन क्लिनिक एवं टेलेंट वल्र्ड की को-फाउंडर, कोरोना अवेयरनैस ड्राइंग बुक टीम मेम्बर, इंटरनेशनल चिल्ड्रन फॉरम की फाउंडर आदि भी भाविका माहेश्वरी की अल्पायु में बड़ी उपलब्धियों के रूप में शामिल है। भाविका के मुताबिक उसे यह सब करने से अच्छा लगता है और इससे भी बड़ी खुशी तब होती है जब उनसे दूसरे सीखकर आगे बढऩे का प्रयास करते हैं।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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