दानह में 6 इंच बारिश,जलजमाव

मधुबन डेम में पानी की आवक, जलस्तर 65.50 मीटर पहुंचा
पिछले 24 घंटों में 214 मिमी बारिश
मानसून मेहरबान होने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई

सिलवासा. दादरा नगर हवेली में दो दिनों से मेघ मेहरबान बने हुए हैं। रविवार को पूरे दिन कभी हल्की, कभी तेज बारिश हुई। बीच-बीच में मूसलाधार बरसात होने से निचले स्थानों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। पंचायत मार्केट, इन्दिरा नगर, बाविसा फलिया में पानी भरने से लोगों को परेशानियां बढ़ गई हैं। दिन में शाम तक 156 मिमी पानी गिरा है। बाढ़ नियंत्रण केन्द्र के अनुसार पिछले 24 घंटों में 214 मिमी बारिश हुई। प्रदेश के सभी विस्तारों में मेघ बरस रहे हैं। दूरवर्ती क्षेत्र खानवेल, दुधनी, कौंचा, मांदोनी, सिंदोनी, खेरड़ी, सुरंगी, आंबोली, दपाड़ा, रांधा, किलवणी, गलौंडा में भी जमकर मेघ बरसे। बारिश के कारण दूधनी जलाशय में पानी का जलस्तर बढऩे लगा है। जंगल विस्तार में बारिश से साकरतोड़ नदी बहने लगी है। मधुबन डेम में पानी की आवक बढ़ रही है। डेम का जलस्तर बढक़र 65.50 मीटर पहुंच गया है।
अवकाश रहने से कॉलोनियों में बच्चों ने बारिश का जमकर लुत्फ उठाया। लगातार बारिश के चलते पिछले दो दिन से सूर्यदेव बादलों की ओट में छिप गए हैं। मौसम में ठंडक पैदा हो गई है। लगातार बारिश से जनजीवन पर असर देखा गया। तेज बारिश में लोग घरों से बाहर निकल नहीं सके। बाजारों में ग्राहक नदारद रहे। दमणगंगा किनारे भुरकुड़ फलिया की निचली बस्तियों में पानी भरने की शिकायत मिली है। डोकमर्डी का पुराना ब्रिज पानी में डूब गया है। पिपरिया अंबेडकर नगर, डोकमर्डी और आमली औद्योगिक विस्तार की सडक़ों पर पानी के तालाब बन गए हैं। यहां सडक़ें खराब हो गई हैं। दो दिन से दादरा, रखोली, मधुबन, नरोली में भी जमकर बारिश हुई है। बारिश होने से वापी व अन्य शहरों के लिए चलने वाली एसटी बसें देरी से चलीं। बसों की लेटलतीफी से यात्रियों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, मानसून मेहरबान होने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। किसानों ने खेतों में धान रोपण के लिए हल जोत दिए हैं। बरसात से धान की पौध तेजी से वृद्धि कर रही है।

 

patrika


मछुआरों का धंधा चल पड़ा
दो दिन अच्छी बारिश के कारण प्रदेश के सभी नदी, नालों में पानी के साथ कई तरह की मछलियां आ रही हैं। इससे मछुआरों का रोजगार चरम पर है। सुरंगी, बिन्द्राबीन, आंबोली, खानवेल में मछुआरे मछलियों से अच्छी आमदनी करने लगे हैं। खेरड़ी के सरपंच चंदू बारिया ने बताया कि समुद्र तटों पर गए प्रदेश के मछुआरे अपने वतन लौट आए हैं। खेतों में पानी भरने से उसमें भी मछलियां पाई जाती हैं।

Sunil Mishra
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