SURAT NEWS: 24 घंटे संभालेंगे दाह संस्कार सेवा की जिम्मेदारी

-विश्व हिन्दू परिषद के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने उमरा श्मशान भूमि में अतिरिक्त जगह पर संभाली व्यवस्था

By: Dinesh Bhardwaj

Updated: 14 Apr 2021, 08:38 PM IST

सूरत. शहर के श्मशान घाट पर शव अधिक और व्यवस्था कम से पनपे हालात को काबू में लेने के लिए अब विश्व हिन्दू परिषद ने जिम्मेदारी संभाली है। परिषद के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने फिलहाल अंतिम दाह संस्कार की यह जिम्मेदारी उमरा श्मशान भूमि के पीछे तापी किनारे पर संभाली है।
जिम्मेदारी संभालने से पूर्व मंगलवार देर शाम उमरा श्मशान भूमि पर विश्व हिन्दू परिषद महानगर इकाई के कार्यकर्ता व पदाधिकारी एकत्र हुए और अंतिम संस्कार सेवा की जिम्मेदारी को संभालने की व्यवस्था को भली-भांति जाना। इस संबंध में इकाई के उपाध्यक्ष विक्रमसिंह शेखावत ने बताया कि शहर के मौजूदा हालात में जहां शहर के अस्पताल कोरोना ग्रस्त मरीजों से भरे हैं वहीं, श्मशान घाटों की स्थिति भी विकट बनी हुई है। यहां पर परिजनों को अपने मृत परिचित-रिश्तेदारों के शवों का अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसी आहत करने वाली स्थिति में विश्व हिन्दू परिषद ने उमरा श्मशान भूमि के पीछे दाह संस्कार सेवा की जिम्मेदारी संभाली है। यहां पर एक साथ 20 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है। अंतिम दाह संस्कार सेवा की जिम्मेदारी संभालने के लिए परिषद के 50 से अधिक कार्यकर्ता यहां पर बारी-बारी से 24 घंटे जिम्मेदारी संभालने लगे हैं। व्यवस्था की तैयारियों के दौरान परिषद महानगर इकाई के उपाध्यक्ष कैप्टन बिपिन पिल्लई, एडवोकेट नीलकंठ बारोट, सहमंत्री संजय बंसल, संजय माथुर, रांदेर जिला मंत्री चंद्रप्रकाश शर्मा, मीडिया टीम के अतुल मोहता आदि मौजूद थे।

-अस्थियों का बड़ी मात्रा में संग्रह

शहर के वराछा-अश्विनीकुमार क्षेत्र स्थित अश्विनीकुमार श्मशान घाट पर मृतकों के अंत्येष्टि कर्म के बाद उनकी अस्थियों के कलश भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए हैं। वहां कार्यरत कर्मचारी के मुताबिक अभी दस दिन में ही इतनी संख्या में अस्थि कलश एकत्र हो रहे हैं जो आम दिनों में एक माह में भी एकत्र नहीं हो पाते थे। इन अस्थि कलश का बाद में हरिद्वार ले जाकर विसर्जन किया जाता है।

-शववाहिनी की लगी कतार

शहर के जहांगीरपुरा स्थित कुरुक्षेत्र श्मशान भूमि पर भी मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए शव ही नहीं बल्कि शववाहिनियां भी बुधवार को कतार में खड़ी नजर आई है। बताया गया है कि इन शववाहिनियों में कोरोना से मृत व्यक्तियों के शव रखे थे। उधर, डिंडोली स्थित श्मशान घाट पर भी अंत्येष्टि कर्म प्रारम्भ हो गया है और यहां लकड़ी वगैरह में लोग सहयोग कर रहे हैं।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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