SURAT NEWS: कोरोना काल में नवजात व प्रसुता को सुरक्षित रखने के जतन

ऑनलाइन कार्यक्रम में गुजरात के कई चिकित्सकों के अलावा तीन सौ से ज्यादा नर्सेज ने लिया भाग

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 16 May 2021, 08:24 PM IST

सूरत. अकेले सूरत महानगर में प्रतिवर्ष 80 से 85 हजार नवजात शिशु जन्म लेते हैं और कोरोना काल में नवजात व प्रसुता के अलावा बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य की देखरेख की जिम्मेदारी बड़ी अहम है। इस जिम्मेदारी को भली-भांति से संभालने वाले डॉक्टर्स, नर्सेज व अन्य मेडिकल स्टाफ को कई आवश्यक जानकारी गुजरात नियानेटोलॉजी फैडरेशन की ओर से आयोजित एक आवश्यक वेबिनार में दी गई।
वेबिनार में मेहमान चिकित्सक यूनिसेफ गुजरात के डॉ. नारायण गोनाकर, एम्स नई दिल्ली के डॉ. अशोक देयोरारी, नेशनल नियानेटोलॉजी फैडरेशन अध्यक्ष डॉ. रंजन पेजावर, सचिव डॉ. दिनेश तोमर समेत अन्य कई चिकित्सकों ने गर्भवती महिला, नवजात शिशु व प्रसुता के कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य की देखरेख व उपचार के लिए आवश्यक निर्देश व जानकारी दी। वेबिनार के संबंध में गुजरात नियानेटोलॉजी फैडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मोहित साहनी ने बताया कि इस वेबिनार में गुजरात प्रदेश के विभिन्न शहर-कस्बों के सरकारी, गैरसरकारी अस्पतालों के कई चिकित्सक, नर्सेज व मेडिकल स्टाफ की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। सूरत में ही प्रति माह सात हजार से अधिक डिलीवरी होती है, ऐसी स्थिति में गर्भवती महिला, नवजात शिशु व प्रसुता को कोरोना से बचाए रखने के लिए मेडिकल स्टाफ की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और वेबिनार में वरिष्ठ चिकित्सकों ने सभी को इस जिम्मेदारी के सफल निर्वहन के बारे में विस्तार से बताया है। वेबिनार में यह भी बताया गया कि गर्भवती महिला को कोविड-19 इंफेक्शन का अधिक खतरा रहता है। डिलीवरी के बाद पॉजिटिव मां नवजात शिशु को दूध पिला सकती है। नवजात में कोविड ट्रांसफर की रिस्क काफी कम रहती है। वेबिनार में डॉक्टर्स, नर्सेज व मेडिकल स्टाफ को अन्य कई जरूरी टिप्स भी गर्भवती महिला, नवजात शिशु व प्रसुता की देखरेख के लिए दिए गए।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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