SURAT NEWS;आईटीसी-04 बन सकता है गले की फांस

जीएसटी के दो साल पूरे

By: Pradeep Mishra

Published: 30 Jun 2019, 09:44 PM IST

सूरत
केन्द्र सरकार की ओर से वन नेशन -वन टैक्स के सूत्र के साथ देशभर में लागू किया गया जीएसटी सूरत के कपड़ा व्यापारियों के लिए नागफांस बन गया है। पहले से ही जीएसटी के इतने सारे रिटर्न फाइल करने में व्यापारी अपने आप को मुनीम महसूस करने लगे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से आइटीसी-04 रिटर्न फाइल करने की जिद्द छोटे व्यापारियों के लिए अस्तित्व का खतरा बना देगी।
कपड़ा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि व्यापारी जीएसटी से इनकार नहीं करते, लेकिन जीएसटी का नियम सरल होना चाहिए। गले उतरा ऐसा होना चाहिए। इतने सारे रिटर्न के स्थान पर एक या दो रिटर्न काफी है। सरकार ने व्यापारी को मुनीम बना दिया है। एक रिटर्न फाइल कर कमर सीधी करते हैं इतने में दूसरे रिटर्न की घंटी बज जाती है। पहले से ही इतने सारे रिटर्न हैं ऐसे में आइटीसी-04 रिटर्न और एक रिटर्न की बात चल रही है। अभी तो सरकार की ओर से इसकी तारीख लंबाई जा रही है लेकिन जिस दिन यह लागू हो गया उस दिन व्यापारियों के लिए मुसीबत आ सकती है। व्यापारियों का कहना है कि आइटीसी-04 में व्यापारियों कपड़े को जितनी बार जॉबवर्क पर भेजते हैं उतनी बार मीटर, कीमत सहित अन्य तमाम जानकारी के साथ एन्ट्री करनी होगी और जितनी बार तैयार होकर आएगा वह भी दिखाना पड़ेगा। ऐसे में एक साड़ी तैयार होने तक तो व्यापारी को कई बार एन्ट्री करनी होगी। इस परिस्थिति में व्यापार करेंगे या एन्ट्री करवाते रहेंगे। हालाकि अभी भी आइटीसी-04 का फॉर्मेट पूरा स्पष्ट नहीं हो सका है। इसमें अभी भी परिवर्तन चल रहा है। व्यापारी मानते हैं कि जीएसटी में रिटर्न फाइल करने की भेजामारी के कारण भले व्यापार चौपट हुआ है, लेकिन छोटे से छोटे व्यापारी का दो लाख रुपए का खर्च बढ़ गया है। इस कारण व्यापारियों की कमर टूट गई है।

GST
Pradeep Mishra Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned