SURAT NEWS: पिता के अग्नि संस्कार में नौ बेटियों की रही मौजूदगी

परम्परा से इतर हटकर अब पुरुष प्रधान समाज में बेटियों का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक दृश्य सूरत में तब देखने को मिला जब एक पिता के अग्नि संस्कार में ना केवल उनकी नौ बेटियां मौजूद रही बल्कि पौत्री-दोहित्री भी दादा-नाना की चिरविदाई की साक्षी बनी

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 10 Feb 2021, 08:15 PM IST

सूरत. परम्परा से इतर हटकर अब पुरुष प्रधान समाज में बेटियों का महत्व भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक दृश्य सूरत में तब देखने को मिला जब एक पिता के अग्नि संस्कार में ना केवल उनकी नौ बेटियां मौजूद रही बल्कि पौत्री-दोहित्री भी दादा-नाना की चिरविदाई की साक्षी बनी।
सूरत में बसे राजस्थान के सिवांची-मालानी क्षेत्र स्थित समदड़ी प्रवासी मूलचंद अब्बानी का निधन रविवार को हो गया था। मृतक का अंतिम संस्कार सभी परिजनों के सूरत पहुंचने के बाद सोमवार को किया गया। इस दौरान उनके परिवार की नौ बेटियों समेत पोतियों ने भी परिजनों व रिश्तेदारों के समक्ष अब्बानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की ईच्छा जताई। बेटियों की ईच्छा का सम्मान करते हुए समाज ने ना केवल उन्हें अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचने की अनुमति दी बल्कि बेटा-बेटी एक समान को चरितार्थ करते हुए अंतिम यात्रा में मूलचंद अब्बानी की अर्थी को बेटियों को कंधा देने का अधिकार भी सौंपा और उसके बाद मोक्षधाम में अंतिम शैया पर लेटे पिता-दादा की पार्थिक देह को मुखाग्नि देने का कर्तव्य भी निभाने दिया। इस दौरान अब्बानी परिवार की बेटियों-पोतियों में रिद्धि, सिद्धि, पूजा, खुशी, ईशा, महक, एंजल, मोक्षी आदि मोक्षधाम पर मौजूद रही।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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