SURAT NEWS: शीतला माता को परोसे ठंडे व्यंजन

प्रवासी राजस्थानी महिलाओं ने गीत गाकर कोरोना को शांत करने की व्यक्त की कामना, शीतलाष्टमी का पर्व मनाएंगे आज

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 03 Apr 2021, 08:57 PM IST

सूरत. धूलेटी के सात दिन बाद सूरत समेत दक्षिण गुजरात में बसी प्रवासी राजस्थानी महिलाओं ने शनिवार को शीतला सप्तमी का त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने गीत गाते हुए शीतला माता से कोरोना महामारी को शांत करने की कामना व्यक्त की और ठंडे व्यंजनों का भोग परोसा। शीतला माता को मनाने का दौर रविवार को शीतला अष्टमी पर भी चलेगा। वहीं, सोलह दिवसीय गणगौर पर्व के सातवें दिन शीतला सातम मनाने के साथ ही बिंदोळे, गुडला सवारी के आयोजनों की भी रविवार से शुरुआत हो जाएगी।
शीतला सप्तमी के मौके पर शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानी महिलाओं ने सुबह घर में शीतला माता की विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे सोसायटी-अपार्टमेंट के नजदीक स्थित मंदिरों में पहुंची और पुआ, पापड़ी, रायता, राबड़ी समेत सात प्रकार के व्यंजन शीतला माता को परोसे। शीतला माता की पूजा के दौरान घरों में एक दिन पहले शुक्रवार को चुल्हे नहीं जलेे और पूजा में शामिल लोगों ने मंगलवार को तैयार किए गए व्यंजन का प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व शीतला माता की पूजा के लिए महिलाएं सुबह में सामूहिक रूप से सोसायटी-अपार्टमेंट से एकत्र होकर गीत गाते हुए मंदिर पहुंची और बाद में विधि-विधान से पूजा-आराधना के बाद भोग परोसा। शीतला सप्तमी पर्व की रोनक शहर के परवत पाटिया, गोडादरा, पुणागांव, टीकमनगर, उधना, अलथाण, वेसू, सिटीलाइट, न्यू सिटीलाइट, घोडदौड़ रोड, भटार समेत कई इलाकों में बनी रही। शीतला माता के पूजन के दौरान महिलाओं ने मास्क लगाकर पूजा-आराधना में भाग लिया और गीत गाते हुए कोरोना महामारी को खत्म करने की प्रार्थना शीतला माता के समक्ष की।

-इस बार लगातार मनेगा पर्व

चैत्र कृष्ण अष्टमी के मौके पर रविवार को भी शीतला माता की पूजा-आराधना की जाएगी। इससे पूर्व शुक्रवार व शनिवार को शीतला सातम मनाई गई। इसके पीछे बताया गया कि राजस्थान में कुछ क्षेत्र में चैत्र कृष्ण सप्तमी व कुछ क्षेत्र में अष्टमी को शीतला माता की पूजा की जाती है। लेकिन, इस बार सप्तमी व अष्टमी तिथि शनिवार-रविवार को होने से कुछ महिलाओं ने यह पर्व शुक्रवार को मना लिया तो कुछ महिलाएं सोमवार को भी मनाएगी।

-गुडला सवारी व बिंदोळे की धूम

शीतलाष्टमी रविवार से ही सोलह दिवसीय गणगौर पर्व में बिंदोळे व गुडला सवारी के आयोजनों की शुरुआत हो जाएगी। शीतला माता की पूजा-अर्चना के बाद ईसर-गौर की प्रतिमाओं को पानी पिलाने और घर-घर में बिंदोळा देने की रीत राजस्थानी महिलाएं परम्परागत तरीके से शुरू करेगी। वहीं, राजस्थान के लोकपर्व गणगौर के मौके पर गुडला सवारी के आयोजन भी शहर के प्रवासी राजस्थानी बहुल इलाकों में जगह-जगह गुरुवार से देखने को मिलेंगे।

-दूसरी बार लगातार स्थगित

शीतला सप्तमी के अवसर पर राजस्थान के परम्परागत गैर नृत्य का आयोजन शहर के पांडेसरा क्षेत्र में राजस्थान युवक मंडल की ओर से किया जाता था और इसमें हजारों प्रवासी राजस्थानी शामिल होते थे। कोरोना की वजह से यह आयोजन लगातार दूसरे वर्ष स्थगित रखा गया। मंडल के भरत जैन, दिनेश राजपुरोहित, नरपतसिंह चुंडावत आदि ने बताया कि गत 13 वर्षों से शहर में प्रत्येक शीतला सप्तमी पर परम्परागत गैर नृत्य का आयोजन होता था और इसमें कई राजस्थानी कलाकार भाग लेते थे और सैकड़ों गैरिए गैर खेलते थे।

Dinesh Bhardwaj Reporting
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