SURAT NEWS: कोरोना के शिकंजे के बीच गूंजेंगी शहनाई और बजेंगे बाजे

आषाढ़ शुक्ल एकादशी से विवाह समेत शुभ प्रसंगों पर लगा विराम कार्तिक शुक्ल एकादशी बुधवार को हटेगा

By: Dinesh Bhardwaj

Published: 22 Nov 2020, 08:02 PM IST

सूरत. इस वर्ष पुरुषोत्तम मास की अतिरिक्त अवधि के कारण एक जुलाई देवशयनी एकादशी से लगी विवाह समेत शुभ प्रसंगों पर लगी रोक कार्तिक शुक्ल एकादशी बुधवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर करीब पांच माह बाद हटेगी। कोरोना महामारी से जूझ रहे वर्ष 2020 के बीतते समय में देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे के अलावा विवाह योग्य आठ सावे ही दाम्पत्य सूत्र में बंधने वाले जोड़ों व उनके अभिभावकों को मिल पाएंगे।
पौराणिक मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी के मौके पर देव शयन के लिए चले जाते हैं और इसके बाद से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस वर्ष कोरोना महामारी के बीच देवशयन एकादशी एक जुलाई को थी और इसके करीब पांच माह बाद देव शयन अवस्था से कार्तिक शुक्ल एकादशी बुधवार को जागृत होंगे और इस अवसर पर देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे के अवसर पर शहर सहित आसपास के इलाके में कई वैवाहिक कार्यक्रम कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुरूप आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा श्रद्धालु तुलसी विवाह के कार्यक्रम भी बुधवार को कार्तिक शुक्ल एकादशी देवउठनी एकादशी के उपलक्ष में आयोजित करेंगे। वहीं, एकादशी होने की वजह से खाटूधाम के श्यामधणी में गहरी आस्था रखने वाले श्रद्धालु बुधवार को शहर में श्याम जन्मोत्सव सहित अन्य कई धार्मिक कार्यक्रमों में कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुरूप भाग लेंगे।


कम है वैवाहिक सावे


देवउठनी एकादशी के अबूूझ सावे पर बुधवार को वैवाहिक समेत अन्य शुभ प्रसंग आयोजित किए जाएंगे मगर इस बार शहनाइयों की गूंज कम सावों और कोरोना महामारी की वजह से थोड़ी हलकी रहेगी। धनुर्मलमास शुरू होने से पहले तक इस बार केवल आठ सावे विवाह समेत अन्य शुभ प्रसंग के लिए आएंगे। इनमें नवम्बर के दौरान 27, 29 व 30 नवम्बर के अलावा दिसम्बर में 1, 7, 9, 10 व 11 तारीख शामिल है।

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Dinesh Bhardwaj Reporting
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