surat news-क्या हुआ जब जीएसटी अधिकारी ही व्यापारियों केजीएसटीआर-9 का जवाब नहीं दे पाए....?

surat news-क्या हुआ जब जीएसटी अधिकारी ही व्यापारियों केजीएसटीआर-9 का जवाब नहीं दे पाए....?
surat news-क्या हुआ जब जीएसटी अधिकारी ही व्यापारियों केजीएसटीआर-9 का जवाब नहीं दे पाए....?

Pradeep Devmani Mishra | Updated: 22 Aug 2019, 08:31:25 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

सीए और व्यापारी बोले वार्षिक रिटर्न फाइल करने का समय बढा दो
जीएसटी विभाग की ओर आयोजित सेमिनार में बड़ी संख्या में आए लोग

सूरत
जीएसटी के वार्षिक रिटर्न फाइल करने में व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को आ रही दिक्कत जानने के लिए जीएसटी विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में व्यापारियों और सीए ने कहा कि जिस रिटर्न का फॉर्म बनाने में सरकार को दो साल लगे वह फॉर्म भरने में सरकार हमें 20 दिन का मौका देना चाहती है। इसका समय बढ़ाना चाहिए। सीए और व्यापारियों के ज्यादातर सवाल के जवाब अधिकारियों के पास नहीं थे उन्होंने कहा कि यह सवाल उपर अधिकारियों को दे दिए जाएंगे।
व्यापारियों और सीए ने वार्षिक रिटर्न की समस्या बताते हुए कहा कि
जीएसटीआर-9 में टेबल 8ए और जीएसटीआर-2ए में खरीद के आंकड़ें अलग-अलग होने के कारण जीएसटीआर का वार्षिक रिटर्न नहीं भरा जा रहा है।
वैट सलाहकार जिग्नेश कानिया ने कहा कि डिपार्टमेन्ट की ओर से पुराने क्रेडिट क्लैम करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बताई गई थी, लेकिन यदि किसी कारण से क्लैम करना भूल गया है तो वह अब कर सकता है या नहीं और यदि नहीं कर सकता तो वार्षिक रिटर्न में बता सकता है कि नही?
प्रशांत शाह ने कहा कि जीएसटीआर -9 में क्या भरना है वह भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। इसके अलावा कपड़ा व्यापारियों की कुछ जानकारियां ऐसी है जो कि किस कॉलम में भरनी है वह नहीं पता चल पा रहा है। सीए सुशील काबरा ने कहा कि एक करदाता के मामले में सेल्स रिटर्न जीएसटीआर-3बी में भी नहीं बताना रह गई है, और जीएसटीआर-1 में भी रह गई है, तो ऐसे मामले में इसे कहां क्लैम किया जा सकता है। एक सीए ने पूछा कि आइटीसी अकाउन्ट में जो दिख रही है उसके अनुसार रिटर्न फाइल करना है या जो जीएसटीआर-3बी में दिखाया है उसके अनुसार बताना है इसे लेकर असमंजस है। जीएसटी अधिकारी संजय सारस्वत ने कहा कि वार्षिक रिटर्न का समय बढ़े इसकी अपेक्षा रिटर्न फाइल कर दिया जाए यह बेहतर विकल्प हैं। क्योंकि जितना विलंब होगा उतना रिकॉर्ड रखना पड़ेगा। प्रिन्सिपल कमिश्नर रेशमा लाखाणी ने कहा कि जीएसटीएन अलग है और जीएसटी डिपार्टमेन्ट अलग है। व्यापारियों को वार्षिक रिटर्न फाइल करने में दिक्कत आ रही है, वह जो समस्याए बतांएगे उसे उपर तक पहुंचा दिया जाएगा। समय पर रिटर्न फाइल करना हितावह है। सेमिनार के दौरान जीएसटी डिपार्टमेन्ट से जीएसटी ज्वाइन्ट कमिश्नर अमित सिंगल, चूनाराम, अरूण कुमार सीए सुमित अग्रवाल और बालकिशन अग्रवाल उपस्थित रहे।

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