SURAT : 172 केन्द्रों पर 75 हजार से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

२ दिसम्बर को इसी परीक्षा का पेपर लीक हो गया था

सर्दी से बचाने के लिए परीक्षार्थियों को रात को रहने की दी गई सुविधा

By: Divyesh Kumar Sondarva

Updated: 07 Jan 2019, 08:25 PM IST

सूरत.

पुलिस विभाग की ओर से रविवार को लोकरक्षक दल की पुन: भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। सूरत जिले में 75 हजार, 187 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया है। इनके लिए 172 परीक्षा केन्द्रों में 2507 ब्लॉक की व्यवस्था की गई है। परीक्षा देने के लिए सूरत शहर में शनिवार को ही हजारों उम्मीदवार पहुंच गए। परीक्षार्थियो को सर्दी से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से उनके रहने की व्यवस्था भी की गई।
इससे पहले 2 दिसम्बर 2018 को परीक्षा होनी थी। पेपर लीक होने से शुरू होने से पहले ही परीक्षा रद्द कर दी गई थी। लोक रक्षक दल में भर्ती के लिए सूरत शहर एवं जिले की विभिन्न स्कूलों में 212 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। इनमें करीब 90 हजार उम्मीदवारों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 172 केन्द्र सूरत शहर में थे। परीक्षा देने के लिए मध्य गुजरात के विभिन्न गांवों और शहरों से करीब 72 हजार विद्यार्थी सूरत आए हुए थे। पूरी तैयारी के साथ वह अपने परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचे, लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही पेपर लीक होने की खबर ने उनकी तैयारियों और मेहनत पर पानी फेर दिया। इसको लेकर उनमें जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला था। इस बार भी सूरत जिले में 75 हजार से अधिक उम्मीदवार परीक्षा देंगे। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही सारी तैयारी कर ली है। नकल रोकने के लिए सीसी कैमरों से वीडियोग्राफी भी की जाएगी।

पहले भी रद्द हो चुकी हैैं परीक्षाएं
प्रदेश में इससे पहले २०१५ में राजस्व विभाग में पटवारी के करीब १५०० पदों के लिए आयोजित परीक्षा गड़बडिय़ों के कारण रद्द कर दी गई थी। उस दौरान भी उम्मीदवारों में प्रशासन के रवैए के प्रति जबरदस्त रोष देखने को मिला था। इससे पहले भी प्रतियोगी परीक्षाओं और एकेडेमिक परीक्षाओं के पर्चे प्रशासनिक गड़बडिय़ों की वजह से लीक होने के कारण उम्मीदवारों को परेशान होना पड़ा है। लोक रक्षक भर्ती परीक्षा के लिए रविवार को सूरत आए कई उम्मीदवारों ने पत्रिका से बातचीत में प्रशासन की कोताही की वजह से हुए उनके नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि पर्चा लीक होने के लिए भर्ती बोर्ड ही पूरी तरह जिम्मेदार है। परीक्षा केन्द्रों तक आने-जाने में उनका काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा उन्हें मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी है। इसके लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। परीक्षा देने आई कई छात्राओं का कहना था कि उनके साथ-साथ आज की परीक्षा के लिए उनके परिजनों ने भी काफी दौड़-भाग की, जो परीक्षा रद्द होने से बेकार हो गई।

Divyesh Kumar Sondarva Reporting
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