SURAT SCHOOL : मान्यता नहीं मिलने के बावजूद ज्ञानमंदिर स्कूल में दिए गए 130 से ज्यादा प्रवेश

SURAT SCHOOL : मान्यता नहीं मिलने के बावजूद ज्ञानमंदिर स्कूल में दिए गए 130 से ज्यादा प्रवेश

Divyesh Kumar Sondarva | Updated: 11 Jul 2019, 08:38:43 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

SURAT SCHOOL :

- विद्यार्थियों और अभिभावकों को रखा अंधेरे में, जांच के बाद दूसरे स्कूलों में भर्ती करवाया

सूरत.

डिंडोली के ज्ञानमंदिर स्कूल के संचालक ने मान्यता नहीं होने पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अंधेरे में रखा। स्कूल ने 130 से अधिक विद्यार्थियों को 9वीं और 11वीं में प्रवेश दे दिया। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूल पर कार्रवाई की और विद्यार्थियों को एलसी दिलवाने के साथ आस-पास के स्कूलों में उनका प्रवेश करवाया।
ज्ञानमंदिर स्कूल संचालक ने गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं की मान्यता के लिए आवेदन किया था। आस-पास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बोर्ड की मान्यता होने की बात बता कर स्कूल ने माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक में प्रवेश देना शुरू कर दिया। यह स्कूल छोटे-से मकान में चलाया जा रहा है। स्कूल में सुविधाओं के अभाव और नियमों का पालन नहीं होने के कारण इसकी उच्चतर की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी। 29 मई, 2019 को गांधीनगर में गुजरात बोर्ड की बैठक में राज्य के स्कूलों को मान्यता प्रदान करने के कई प्रस्ताव पेश किए गए। इनमें ज्ञानमंदिर स्कूल का प्रस्ताव शामिल था। बोर्ड की बैठक में ज्ञानमंदिर स्कूल को माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक की मान्यता नहीं दी गई। इसके बावजूद स्कूल ने विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया। इसके बारे में जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी की टीम ने पिछले शुक्रवार को स्कूल पर छापा मारा। छापे के दौरान पता चला कि घर में एक तरफ रसोई है तो दूसरी ओर छोटे-से कमरे में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा था। मकान में जाने के लिए छोटा-सा रास्ता है। पता चला कि स्कूल ने 130 से अधिक विद्यार्थियों को माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक में प्रवेश दे दिया था। टीम ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को बुलाकर उन्हें स्कूल से एलसी दिलवाया गया। इन विद्यार्थियों को आस-पास के स्कूलों में प्रवेश दिलवाया गया।

प्रभाततारा ने भी इसी तरह दिया था धोखा
रांदेर के प्रभाततारा स्कूल ने भी बोर्ड की मान्यता नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों को अंधेरे में रख कर 9वीं और 11वीं में प्रवेश दे दिया था। गुजरात बोर्ड के परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं होने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल की धोखाधड़ी का पता चला। 12वीं के 12 और 10वीं के 30 से अधिक विद्यार्थी इस धोखे के कारण मार्च 2019 में बोर्ड की परीक्षा नहीं दे पाए थे।

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