SURAT SCHOOL :  जेब भरने के लिए अमान्य स्कूल संचालकों का गोरखधंधा

SURAT SCHOOL :  जेब भरने के लिए अमान्य स्कूल संचालकों का गोरखधंधा

Divyesh Kumar Sondarva | Updated: 11 Jul 2019, 08:05:23 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

SURAT SCHOOL :

अभियान

- प्राथमिक की मान्यता पर चला रहे उच्चतर माध्यमिक की कक्षाएं
- स्कूल की फीस लेकर ओपन स्कूल से बोर्ड फॉर्म भरवाने का षडय़ंत्र

सूरत.

शहर की दुकानों और शॉपिंग सेन्टरों में स्कूल चला रहे संचालक जेब भरने के लिए गोरखधंधा कर रहे हैं। प्राथमिक की मान्यता होने पर भी उच्चतर माध्यमिक में प्रवेश देकर ओपन स्कूल के बोर्ड का फॉर्म भरवाते हैं। विद्यार्थियों को धोखे में रख उनके अभिभावकों से स्कूल की फीस वसूली जा रही है।
शहर में कई लोगों ने शिक्षा को व्यापार बना रखा है। नियमों में राहत का लाभ उठाकर कई लोगों ने प्राथमिक स्कूल की मान्यता हासिल कर रखी है। इस मान्यता के आधार पर दुकानों और शॉङ्क्षपग सेन्टरों में स्कूल चला रहे हैं। 10 साल पहले प्राथमिक स्कूल के नियम कड़े नहीं होने पर कई लोगों को आसानी से किराए के मकान, किराए के मैदान और छोटी जगहों में स्कूल शुरू करने की अनुमति मिल गई थी। छोटी जगह होने पर सीमित विद्यार्थी को प्रवेश देने का नियम होने के बावजूद ऐसे संचालकों ने क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश देना शुरू किया। 8वीं कक्षा तक स्कूल की मान्यता होने के बावजूद ऐसे संचालक 9वीं, 10वीं और 11वीं में भी प्रवेश दे रहे हैं। अभिभावकों और विद्यार्थियों को अंधेरे में रखा जा रहा है। 8वीं तक इसी स्कूल में पढ़े होने के कारण अभिभावक भी बच्चों को उसी स्कूल में प्रवेश दिलवा देते हैं। जब 10वीं और 12वीं की परीक्षा की बात आती है तब 8वीं के परिणाम और एलसी का उपयोग कर ओपन स्कूल में विद्यार्थियों का फॉर्म भरवाते हैं।


- विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़
ऐसे शहर में कई स्कूल हैं जो जेब भरने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। प्राथमिक की मान्यता होने के बावजूद माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक में प्रवेश देने वाले ऐसे कई स्कूलों के खिलाफ सूरत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने कार्रवाई शुरू की है।

- कार्रवाई करने पर पता चला गोरखधंधा
रांदेर स्थित प्रभाततारा स्कूल के पास प्राथमिक तक की मान्यता थी, फिर भी स्कूल संचालक ने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक में विद्यार्थियों को प्रवेश दे दिया। बोर्ड परीक्षा आने पर स्कूल संचालक की धोखाधड़ी का अभिभावकों और विद्यार्थियों को पता चला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। प्रभाततारा के विद्यार्थी गुजरात बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए थे। डिंडोली स्थित ज्ञानमंदिर स्कूल के संचालक के पास भी प्राथमिक तक ही मान्यता है। फिर भी स्कूल संचालक ने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक के नाम पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने छापा मारकर संचालक के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।


- कड़ी कार्रवाई की हो गई शुरुआत
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एज्यूकेशन इंस्पेक्टरों का कहना है कि स्कूल संचालक प्राथमिक की मान्यता पर माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक में विद्यार्थियों को प्रवेश देते हैं। स्कूल में ट्यूशन क्लास चलाते हंै, विद्यार्थियों से स्कूल और ट्यूशन दोनों की फीस वसूलते हैं। गणवेश और किताब के भी रुपए वसूले जाते हैं। ऐसे कई स्कूल पर कार्रवाई कर उन्हें बंद करवाया गया है। आगे भी ऐसी जानकारी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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