गुजरात में सूरत शिक्षा के साथ रोजगार का भी बनेगा केंद्र

- वीएनएसजीयू नई शिक्षा प्रणाली के आधार पर तैयार कर रहा है 3 हजार करोड़ का शिक्षा प्रस्ताव
- सूरत सीए, सीएस और कॉस्ट अकाउंटेंट का बनेगा हब
- प्रतियोगिता परीक्षाओं के साथ केजी से पीजी तक के प्राध्यापकों के लिए तैयार किया जाएगा प्रशिक्षण केन्द्र

By: Divyesh Kumar Sondarva

Published: 14 Oct 2021, 02:22 PM IST

सूरत.
शिक्षा की प्राप्ति के साथ युवाओं की आवश्यकता एवं मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास सूरत में किए जा रहे हैं। विद्यार्थी सांस्कृतिक विरासत से परिचित रहे और शोध में विकास कर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सके ऐसी योजना अभी से तैयार की जी रही है। नई शिक्षा नीति को ध्यान में रख वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय ने 3 हजार करोड़ का शिक्षा प्रस्ताव तैयार करना शुरू किया है। तो दूसरी ओर कई शैक्षणिक संस्थान सूरत को सीए, सीएस औ कोस्ट अकाउंटेंट का हब बनाने में जुटे हैं। सूरत में विद्यार्थियों को केजी से पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) के प्रशिक्षण के साथ प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी का केन्द्र भी उपलब्ध हो ऐसी योजना पर कार्य किया जा रहा है। जिससे शिक्षा के साथ सूरत रोजगार भी केन्द्र बन जाए।
सूरत को डायमंड और टेक्सटाइल सिटी के नाम से पहचाना जाता है। भविष्य में सूरत को एजूकेशन सिटी के नाम से भी जाना जाएगा। सूरत गुजरात का आर्थिक शहर बनता जा रहा है। यहां तरह तरह के व्यापारों का विकास हो रहा है। इसलिए देश के विभिन्न कौनो से लोग यहां रोजगार के लिए आकर बसे हैं। उनके बच्चे यहां पढ़ रहे हैं। सूरत गुजरात का एक मात्र शहर है जहां सात विभिन्न भाषाओं में विद्यार्थियों को 1 से 12 तक की शिक्षा दी जा रही है। रोजगार में भी आधुनिक साधनों ने अपना स्थान जमा लिया है। इसलिए छोटे से लेकर बड़ी कंपनी सभी को कौशल कर्मचारियों की आवश्यकता होने लगी है। इसे ध्यान में रख पाठ्यक्रम में भी बार बार सुधार किया जा रहा है। जिससे विद्यार्थी को रोजगार और कंपनी को कर्मचारी की खोज में परेशान ना होना पड़े। इसलिए सरकार ने नई शिक्षा नीति को तैयार किया है। इस शिक्षा नीति को ध्यान में रख वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय 3 हजार करोड़ की शिक्षा योजना बना रही है।
- के.जी से लेकर पीएचडी सब सूरत में
पूरे गुजरात में 12वीं तक सबसे अधिक विद्यार्थी सूरत में हैं। 10वीं और 12वीं को मिलाकर 12 लाख से अधिक हर साल बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होते हैं। दक्षिण गुजरात के तापी से लेकर वापी तक सारे विद्यार्थी 12वीं के बाद सूरत में पढऩे आते है, तो यह संख्या और भी अधिक बढ़ जाती है। सूरत में केजी से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई उपलब्ध है। यहां एमबीबीएस, एमडी, पीएचडी, आईआईटी, एनआईटी और इंजीनियङ्क्षरग की सभी ब्रांच की शिक्षा विद्यार्थियों को मिल रही है। इसके अलावा प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई के लिए भी देश के विभिन्न कौनो के विद्यार्थी सूरत को पसंद कर रहे हैं।
- विभाग लेंगे कोम्प्लेक्ष की शक्ल
3 हजार करोड़ की शिक्षा योजना विद्यार्थी, प्राध्यापक और शोधकर्ताओं को ध्यान में रख तैयार की जा रही है। इसमें सबसे पहले विश्वविद्यालय के विभागों को कोम्प्लेक्ष की शक्ल दी जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में एक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आने वाले समय में मांग के अनुसार विभाग बनाए जाएंगे। एक ही छत के नीचे सभी तरह के पाठ्यक्रमों की शिक्षा प्राप्त होगी।
- सभी संकायों को किया जाएगा आधुनिक
शिक्षा और आधुनिकीकरण का साथ हमेशा बना रहा है। शिक्षा से ही आधुनिक उपकरण मिले हैं। अब शिक्षा में भी आधुनिक साधनों का उपयोग किया जाएगा। वीएनएसजीयू के सभी संकायों को नए कोम्प्लेक्ष को आधुनिक उपकरणों से लेस कर दिया जाएगा। जिससे विद्यार्थी और प्राध्यापक को मात्र एक ही क्लिक पर सारी जानकारी कम्प्यूटर पर ही मिल जाएगी।
- प्राध्यापकों का प्रशिक्षण केन्द्र बनेगा सूरत
शिक्षा क्षेत्र में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अब शिक्षक को भी अपडेट रहना जरूरी हो गया है। वीएनएसजीयू में केजी से लेकर पीजी तक के प्राध्यापक को नई नई तकनीक और पाठ्यक्रम में हो रहे सुधार के अनुसार प्रशिक्षण मिले इस उद्देश्य से प्रशिक्षण केन्द्र तैयार किया जाएगा। जो देश के सभी विद्यार्थी और प्राध्यापक को लाभदायक होगा।
- नए नए पाठ्यक्रमों की मिलेगी शिक्षा
वीएनएसजीयू में हर साल नए पाठ्यक्रमों को लागू किया जाएगा। बड़ी बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू तैयार कर उनकी जरुरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इसी पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा देकर विद्यार्थी को तैयार किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी को आसानी से रोजगार और कंपनी को कर्मचारी मिल जाए।
- ब्रीज कोर्स किए जा रहे हैं तैयार
समय के साथ रोजगार और शिक्षा का रूप भी बदला है। आर्ट्स में से कॉमर्स और कॉमर्स में से साइंस में विद्यार्थी जा सके ऐसे ब्रिज कोर्स सूरत में तैयार किए जाएंगे। जिससे विद्यार्थी रोजगार के लिए किसी भी संकाय की आसानी से पढ़ाई कर डिग्री प्राप्त कर सकेगा।
- साइबर क्राइम कोर्स का भी विकास
कोरोना के बाद साइबर क्राइम के मामलों की संख्या बढ़ी है। तीन हजार करोड़ की योजना में कम्प्यूटर संबंधित कोर्स को भी प्रथम स्थान दिया जाएगा। क्योंकि अब कम्प्यूटर कोर्स में विद्यार्थियों को अधिक रुचि बढ़ गई है। साथ ही साइबर क्राइम कोर्स का भी विकास किया जाएगा। वैसे विवि में साइबर क्राइम कोर्स की शिक्षा दी जा रही है। पर इसे और भी अधिक आधुनिक स्तर पर ले जाएया जाएगा।
- विषय अनुसार प्राध्यापक को किया जाएगा तैयार
आने वाले समय में मुख्य विषय के अनुसार प्राध्यापक को तैयार किया जाएगा। जिससे विद्यार्थी मुख्य विषय पर ध्यान केन्द्रीत कर अपना भविष्य संवार सके। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है।
- विदेशी विद्यार्थियों को भी बढ़ेगी संख्या
वीएनएसजीयू में पिछले दो तीन सालों से विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश लेने का सिलसिला शुरू हुआ है। 3 हजार करोड़ की योजना में ऐसे पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे जिससे आने वाले समय में वीएनएसजीयू में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या बढ़े।
- एनर्जी और पर्यावरण संबंध पाठ्यक्रम की पढ़ाई
बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए कई नए पर्यावरण संबंधित पाठ्यक्रमों को भी पढ़ाई में शामिल करने की योजना बनाई गई है। जिससे ऐसे विद्यार्थी तैयार हो जो प्रदूषण पर अंकुश लगा सके और पर्यावरण को स्वच्छ कर सके। साथ ही एनर्जी के भी पाठ्यक्रमों को पढ़ाना शुरू किया जाएगा। जिससे विभिन्न ऊर्जा का लाभ लेकर देश के विकास में योगदान दिया जा सके।
- इंजीनियर को भी रोजगार के अवसर
तापी से लेकर वापी तक हजारो छोटी बड़ी कंपनी दक्षिण गुजरात में हैं। यहां इंजीनियर की आवश्यकता है। लेकिन प्रैक्टिस जानकारी कम होने पर रोजगार मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए अब इंजीनियङ्क्षरग संस्थान भी अपनी शिक्षा में थ्योरी के साथ प्रेक्टिकल शिक्षा को भी शामिल कर रहे हैं।

प्रतियोगिता परीक्षा का भी बनेगा केन्द्र
सूरत में अब तक यूपीएससी परीक्षा का केंद्र नहीं था। लेकिन इस साल पहली बार 10 अक्टूबर को सूरत में यूपीएससी परीक्षा होगी। सूरत को भी परीक्षा केन्द्र सौंपा गया है। सूरत में प्रतियोगिता परीक्षा के प्रति विद्यार्थी जागरूक हुए हैं। इसलिए वीएनएसजीयू में यूपीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए केंद्र तैयार किया जा रहा है। साथ ही कई अन्य संस्थान भी प्रतियोगिता परीक्षा के सेंटर तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं।

सूरत में निजी विश्वविद्यालयों की बढ़ेगी संख्या
सूरत में वीएनएसजीयू के साथ चार अन्य निजी विश्वविद्यालय हैं। आने वाले समय में विद्यार्थियों की संख्या और पाठ्यक्रमों की मांग को देखते हुए निजी विश्वविद्यालयों की संख्या भी बढ़ सकती है। जो विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगी। साथ ही विश्वविद्यालय में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- दक्षिण गुजरात के साथ देश को मिलेगा लाभ
वीएनएसजीयू में दक्षिण गुजरात के साथ देश को लाभ मिले ऐसे पाठ्यक्रम तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। सभी प्राध्यापकों से इस संदर्भ में राय मांगी गई है। 3 हजार करोड़ की शिक्षा योजना बनाई जाएगी। जो सरकार समक्ष प्रस्तुत कर उसे पारित करने के आग्रह के साथ अनुदान मांगा जाएगा। यह प्रस्ताव देश के विकास में महत्व का योगदान देगा। सूरत को शिक्षा के साथ रोजगार का हब बना देगा।
- डॉ.के.एन.चावड़ा, कुलपति, वीएनएसजीयू
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सीए, सीएस और कॉस्ट अकाउंटेंट का भविष्य सूरत
सीए. सीएस और कॉस्ट अकाउंटेंट की मांग बढ़ती जा रही है। देश के साथ विदेश में भी इन की काफि आवश्यकता है। सूरत में हर साल सीए, सीएस और कॉस्ट अकाउंट के विद्यार्थी देश के टॉप 50 में स्थान हासिल करते हैं। अब सूरत में भी आंतरराष्ट्रीय यूके की सीए की परीक्षा एसोसिएशन फोर चार्टर्ड अकाउंट ऑफ चार्टर्ड सर्टिफिकेट अकाउंट की परीक्षा भी शुरू हो गई है। जिससे सूरत का विद्यार्थी यूके में भी प्रैक्टिस कर सके। इसके साथ भविष्य में यूएस की सीपीए और सीएफए भी सूरत में शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे यहां का विद्यार्थी यूएसए में भी प्रक्टिस कर भविष्य सवार सके। सूरत में अब देश के विभिन्न कौन से विद्यार्थी सीए, सीएस और कॉस्ट अकाउंट की तैयारी करने आते हैं। क्योंकि यहां से परिणाम मिलने लगा है। देखते देखते सूरत भविष्य में शिक्षा का हब बनने की और तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- रवि छावछरिया, सीए मार्गदर्शक

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