तक्षशिला अग्निकांड : मनपा के दो, डीजीवीसीएल का एक अधिकारी और बिल्डर गिरफ्तार

तक्षशिला अग्निकांड : मनपा के दो, डीजीवीसीएल का एक अधिकारी और बिल्डर गिरफ्तार

Sandip Kumar N Pateel | Updated: 04 Jun 2019, 10:23:31 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

अग्निकांड में हर स्तर पर हुई ‘जानलेवा’ लापरवाही

सूरत. एक मासूम समेत २२ छात्र-छात्राओं को मौत की नींद सुलाने वाले तक्षशिला अग्निकांड में सभी स्तरों पर जानलेवा लापरवाही बरती गई। मंगलवार शाम सूरत पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए सूरत महानगर पालिका के दो अधिकारियों, डीजीवीसीएल के एक अधिकारी और तक्षशिला आर्केड के बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले ट्यूशन संचालक, इमारत के मालिक और दमकल अधिकारियों समेत पांच जनों को गिरफ्तार किया गया था।

 


पुलिस के मुताबिक सरथाणा जकात नाका की निर्मलनगर सोसायटी निवासी बिल्डर रविन्द्र कहार, अडाजण आनंद रॉ हाउस निवासी कार्यपालक इंजीनियर पी.डी.मुंशी, पवित्रा रॉ हाउस निवासी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जयेश सोलंकी और कापोद्रा ऊर्जा सदन निवासी डीजीवीसीएल के नायब अभियंता दीपक नायक को गिरफ्तार किया गया है।

 


किस से कहां हुई थी चूक

 


शहर पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने बताया कि बिल्डर रविन्द्र ने नियमानुसार विभाग से अनुमति नहीं लेकर आर्केड का निर्माण किया। वराछा जोन के तत्कालीन कार्यपालक इंजीनीयर मुंशी ने अनाधिकृत निर्माण प्लान के अनुरूप नहीं होने के बावजूद इम्पैक्ट फीस के तहत मंजूरी दी। वराछा जोन के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सोलंकी ने इमारत का प्लान और स्थिति सुसंगत नहीं होने के बावजूद बिना जांच सर्टिफिकेट ऑफ रेग्युलाइजेशन जारी किया। डीजीवीसीएल के नायब इंजीनियर नायक ने ट्रांसफार्मर, फ्यूज, ग्राहक की विद्युत मांग और उपयोग की जांच नहीं की। आग लगने के बाद विद्युत कनेक्शन बंद करने में लंबा समय लगाया। क्राइम ब्रांच द्वारा पिछले दो दिन की गई पूछताछ में सभी आरोपियों की लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

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