TAKSHSHILA ARCED :  मनपा और डीइओ से मिल रहे नोटिस को लेकर स्कूल दुविधा में

TAKSHSHILA ARCED :  मनपा और डीइओ से मिल रहे नोटिस को लेकर स्कूल दुविधा में

Divyesh Kumar Sondarva | Updated: 04 Jun 2019, 07:44:06 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

फोलोअप

- संचालक मंडल शिक्षामंत्री से मिलेगा
- डोम और फायर सेफ्टी के मामले में राहत नहीं मिली तो 10 जून से नहीं खुलेंगे निजी स्कूल

सूरत.

तक्षशिला आर्केड अग्निकांड के बाद स्कूलों पर हो रही कार्रवाई को लेकर निजी स्कूल संचालक मंडल दुविधा में है। नोटिस की अवधि में फायर सेफ्टी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण निजी स्कूल संचालक मंडल ने वेकेशन पूर्ण होने पर 10 जून से स्कूल शुरू नहीं करने का फैसला किया है। स्वनिर्भर शाला संचालक मंडल के साथ शहर के 400 से अधिक संचालक जुड़े हुए हैं। स्कूलों पर हो रही कार्रवाई को लेकर संचालक मंडल राज्य के शिक्षामंत्री से मिलने जाएगा।
तक्षशिला आर्केड अग्निकांड के बाद मनपा और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से शहर के स्कूलों की जांच शुरू की गई। फायर सेफ्टी सुविधा नहीं होने पर स्कूलों को नोटिस दिया जा रहा है। तीन दिन के अंदर फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध करवा कर दमकल विभाग से एनओसी लेने का आदेश दिया जा रहा है। दूसरी ओर कई स्कूलों में अवैध डोम तोड़़े जा रहे हैं। इस कार्रवाई को लेकर स्वनिर्भर शाला संचालक मंडल की बैठक हुई। इसमें कई कड़े फैसले किए गए। संचालक मंडल का कहना है कि तीन दिन में फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध करवा कर एनओसी लेना मुश्किल है। मनपा के पास इतने कर्मचारी भी नहीं हैं। तीन दिन में एनओसी नहीं होने पर स्कूल को सील करने की चेतावनी दी जा रही है। इस अवधि को बढ़ाने की मांग के साथ संचालक मंडल जिला शिक्षा अधिकारी से मिल चुका है। संचालक मंडल ने तय किया है कि अगर समय अवधि नहीं बढ़ी तो वेकेशन के बाद स्कूलों को नहीं खोला जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने 35 सदस्यों की टीमों का गठन कर सभी स्कूलों में फायर सेफ्टी की जांच का आदेश दिया था। टीम शहर के 200 से अधिक स्कूलों की जांच कर चुकी है। जांच रिपोर्ट प्रतिदिन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जा रही है। फायर सेफ्टी और विद्यार्थियों की सुरक्षा के अभाव पर 20 से अधिक स्कूलों को नोटिस दिया गया है। इससे पहले भी ऐसी जांच हो चुकी है, लेकिन खामी पाए जाने पर कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रह गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों में फायर सेफ्टी की सुविधा के अलावा बीयूसी, स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी रिपोर्ट की भी जांच करने का आदेश दिया था। शहर में 700 से अधिक स्कूल हैं। इससे पहले जब जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी गई थी, उसमें सिर्फ 50 के पास दमकल विभाग का एनओसी होने का पता चला था। दमकल विभाग ने 180 स्कूलों को नोटिस भेजा था, लेकिन किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं हुई।

शिक्षा विभाग करे विद्यार्थियों के लिए बैठने की व्यवस्था
मनपा की ओर से कई स्कूलों के डोम तोड़ दिए गए हैं। इससे विद्यार्थियों की बैठक को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। स्कूलों का कहना है कि कई कक्षाएं डोम में चलाई जाती थीं। संचालक मंडल के मुताबिक डोम अवैध होने पर तोड़ दिए गए हों तो वह मनपा की कार्रवाई के साथ हैं, लेकिन विद्यार्थियों को बैठाने की जो समस्या खड़ी हुई है, उसके लिए शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि वह वैकल्पिक व्यवस्था करे। व्यवस्था नहीं होने पर स्कूल को शुरू करना मुश्किल होगा।


अवैध निर्माण पर हो रही कार्रवाई को लेकर संचालक मंडल मनपा के साथ है। स्कूलों में फायर सेफ्टी होनी चाहिए, लेकिन जो समय सीमा दी गई है, उसे बढ़ाना चाहिए। जिन स्कूलों में डोम तोड़े गए हैं, वहां विद्यार्थियों को बैठाने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए। मांगों को लेकर हम शिक्षामंत्री से मिलेंगे। समय अवधि नहीं बढ़ी तो वेकेशन के बाद स्कूल नहीं खोले जाएंगे।
महेश पटेल, प्रमुख, स्वनिर्भर शाला संचालक मंडल

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