तापी उतरी लेकिन और उफनी खाड़ी

कई और इलाकों में घुसा खाड़ी का पानी, जान-माल की आफत, लोग निकले बाहर, मीठी खाड़ी खतरे के निशान से ऊपर, काकरा में भी आया पानी

By: विनीत शर्मा

Updated: 25 Aug 2020, 08:09 PM IST

सूरत. बीती 14 अगस्त से लिंबायत जोन के लोग मीठी खाड़ी के ओवरफ्लो से त्रस्त हैं। मीठी खाड़ी का जलस्तर बढऩे से सोमवार को बीते दस दिनों में तीसरी बार पानी भरा था। ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण मंगलवार को खाड़ी में ज्यादा पानी आया तो कई अन्य इलाके भी इसकी चपेट में आ गए।

बीती 14 अगस्त को जब मौसम में पहली बार खाडिय़ां उफनी थीं, शहर के प्रभावित इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए थे। रविवार रात को हुई बारिश ने एक बार फिर खाड़ी प्रभावित इलाकों में बाढ़ की स्थिति बना दी थी। सोमवार को मीठी खाड़ी का पानी आबादी में घुसा तो मनपा प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। सोमवार रात ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का असर मंगलवार को भी देखने को मिला। मीठी खाड़ी प्रभावित परवत गांव और माधवबाग क्षेत्र पहले से जलमग्न थे, मंगलवार को गीता नगर और शांतिनगर समेत कई अन्य सोसायटियों में भी पानी पहुंच गया।

आबादी वाले इलाकों में पानी पहुंचते ही लोगों ने सुरक्षित जगहों पर पहुंचना शुरू कर दिया। कोई बच्चों को गोद में उठाए बाहर जा रहा था तो कोई रिक्शा पर बैठकर सुरक्षित जगह पहुंच रहा था। एक व्यक्ति तो रिक्शे पर बाइक रखकर पानी से बाहर जाने की कोशिश करता भी दिखा। गौरतलब है कि इस मौसम में तीन बार ऐसे हालात बने हैं, जब निचले इलाकों और हाइराइज सोसायटियों में रह रहे लोग अपने ही घरों में बंधक बन कर रह गए हैं।परवत गांव तो दूसरे दिन भी टापू बना रहा।

इसलिए बनी स्थिति

फिलहाल मीठी खाड़ी 8.25 मीटर के स्तर पर बह रही है, जबकि इसका खतरे का निशान 7.50 मीटर है। खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण बारिश का पानी तो खाड़ी में जा ही नहीं पा रहा, खाड़ी में जा रही स्टोर्म ड्रेनेज लाइन का पानी भी बैक मार रहा है। इससे सड़क पर तीन फीट तक पानी बह रहा है। प्रशासन के मुताबिक ऊपरी इलाके में बारिश नहीं हुई तो बुधवार को स्थिति काफी हद तक सामान्य हो सकती है।

तापी का जलस्तर गिरा

सोमवार को पूरे वेग से बह रही तापी मंगलवार को काफी हद तक शांत रही। उकाई बांध से पानी छोड़े जाने की मात्रा आधी रात बाद से ही कम होने लगी थी। इसका असर मंगलवार सुबह दिखा भी जब रिवरफ्रंट से पानी उतर गया। शाम छह बजे तक कोजवे पर जलस्तर 8.18 मीटर रहा जो बीते दिनों 9.25 मीटर तक पहुंच गया था। बांध प्रशासन शाम छह बजे तक 49754 क्यूसेक पानी तापी नदी में छोड़ रहा है। गौरतलब है कि तापी में पानी का बहाव बढऩे पर मनपा प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को अलर्ट पर रखा हुआ था।

विनीत शर्मा Reporting
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