HOLY RIVER तापी नदी ने पार किए तटबंध

बांध से लगातार छोड़ा जा रहा पानी, रिवरफ्रंट डूबा, निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका बढ़ी, मनपा प्रशासन ने अलर्ट पर रखी दमकल टीम, डिवाटरिंग पंप लगाए, फ्लड गेट किए बंद

By: विनीत शर्मा

Published: 24 Aug 2020, 09:24 PM IST

सूरत. बांध प्रशासन के तापी नदी में लगातार पानी छोड़े जाने से मनपा प्रशासन के समक्ष शहर को तापी की बाढ़ से बचाने की चुनौती है। तापी किनारे बना रिवरफ्रंट पानी में डूब चुका है और यही हाल रहा तो निचले इलाकों में भी पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन ने दमकल टीम को अलर्ट पर रखा है। साथ ही जगह-जगह डिवाटरिंग पंप लगाए हैं, जिससे पानी भरे तो उसे फिर नदी में छोड़ जा सके। स्टोर्म ड्रेनेज का पानी बैक नहीं मारे इसके लिए रांदेर और सेंट्रल जोन में एक-एक फ्लड गेट बंद कर दिया है। कतारगाम जोन में फ्लडगेट तो कोई बंद नहीं किया, लेकिन आठ ऑटोमेटिक फ्लैप गेट बंद हो गए हैं।

शहर एक बार फिर खाड़ी की बाढ़ से जूझ रहा है। इस बीच बांध प्रशासन भी 1.30 लाख क्यूसेक से अधिक पानी तापी नदी में छोड़ रहा है। बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण शहर में तापी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कोजवे पर नदी 9.25 मीटर के लेवल पर बह रही है। रांदेर जोन में तापी किनारे बना रिवरफ्रंट पानी में डूब चुका है और पानी छोडऩे की यही स्थिति रही तो नदी किनारे के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनते देर नहीं लगेगी। नदी पहले से ही दोनों किनारों को छूकर बह रही है।

स्थिति से निपटने के लिए मनपा प्रशासन ने दमकल को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील जगहों पर रेस्क्यू के लिए नावें लगा दी गई हैं। नदी का जलस्तर बढऩे के साथ ही कई बार जब शहर में भारी बारिश होती है तो स्टोर्म ड्रेनेज का पानी बैक मारने लगता है। इस आशंका से निपटने के लिए मनपा प्रशासन ने सेंट्रल जोन में घास्तीपुरा और रांदेर जोन में हनुमान टेकरी के पास फ्लड गेट बंद कर दिया है। कतारगाम जोन में फ्लडगेट तो सभी खुले हुए हैं, लेकिन आठ ऑटोमेटिक फ्लैप गेट बंद हो गए हैं। मनपा प्रशासन ने जगह-जगह डिवाटरिंग पंप भी लगाए हैं।

यह है स्थिति

HOLY RIVER

बीते कई दिनों से उकाई के कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण तापी नदी पहले से ही दोनों किनारों को छूकर बह रही है। शाम चार बजे से उकाई बांध से 131138 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बांध प्रशासन के मुताबिक बांध में इनफ्लो बढ़ा तो रात तक बांध से पानी छोडऩे की मात्रा बढ़ सकती है।

विनीत शर्मा Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned