ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में लुटेरों को पकडऩे के लिए बनी टीम में तालमेल की कमी

ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में लुटेरों को पकडऩे के लिए बनी टीम में तालमेल की कमी

Sanjeev Kumar Singh | Publish: Aug, 13 2019 10:11:54 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

ट्रेन में पकड़े गए गांजे के मामले में रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी को ही बनाया फरियादी

सूरत.

सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रियों के साथ होने वाली छीनाझपटी को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई, लेकिन इन दोनों विभाग में तालमेल नहीं है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पकड़ी जाने वाली शराब, मोबाइल चोर को स्वीकारने में रेलवे पुलिस पहले से आनाकानी करती आई है। अब एनडीपीएस के मामलों में भी रेलवे पुलिस रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी को फरियादी बनाकर उलझा रही है।

 

सूरत रेलवे जेएमएफसी कोर्ट के न्यायाधीश अरुण सोनी ने दो अगस्त को सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में मजिस्ट्रेट स्क्वॉयड के साथ जांच अभियान चलाया था। स्क्वॉयड ने पेंट्रीकार कर्मचारी को चाय के बर्तन में टी-बैग और दूध की प्लास्टिक थैली उबालते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसी दिन ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के उधना स्टेशन से रवाना होने के बाद पांच-सात लोग स्लीपर कोच में चढ़ गए थे। उन्होंने यात्रियों के साथ छीनाझपटी की थी। लूट करने वाले आरोपी ट्रेन के नियोल पहुंचने से पहले ही उतर कर फरार हो गए।

 

ट्रेन में हुई इस वारदात की जानकारी मजिस्टे्रट स्क्वॉयड को मिली। उसकी सूचना पर नंदुरबार रेलवे सुरक्षा बल जवान ट्रेन पर पहुंचे और यात्रियों से पूछताछ कर प्राथमिकी दर्ज की। न्यायाधीश अरुण सोनी के निर्देश पर रेलवे पुलिस के डीएसपी डी.जी. कंथारिया ने रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम बनाई। उसे प्रतिदिन ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में गश्त करने के निर्देश दिए गए। तीन अगस्त को रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा के कांस्टेबल मुकेश सिंह, राकेश यादव, अमित कुमार, वरुण पटेल, बाबूलाल और रेलवे पुलिस के जवान गोविंदभाई, राकेशभाई ने ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में सूरत से व्यारा तक गश्त की।

 

यह टीम 12656 चेन्नई-अहमदाबाद नवजीवन एक्सप्रेस में सूरत लौट रही थी, तभी रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा की टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को वजनी सामान के साथ जाते देखा। उन्हें रोक कर पूछताछ की गई। उनके नाम शुशांत उर्फ शंकर कविराज शाह (24) और दिति उर्फ जगा शुशांत शाहू (25) बताए गए। उनके बैग में करीब 17.8 किलो गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत करीब एक लाख रुपए है।

 

रेलवे सुरक्षा बल टीम ने घटना की जानकारी रेलवे पुलिस उप निरीक्षक महेन्द्र पाटिल को दी। पाटिल ने आरोपी एवं मुद्दा माल के साथ रेलवे सुरक्षा बल को रेलवे पुलिस थाने आने के लिए कहा। बाद में पाटिल ने रेलवे सुरक्षा बल अपराध शाखा के अधिकारी को ही गांजा पकडऩे के मामले में शिकायतकर्ता बनने को कहा। इससे दोनों विभाग आमने-सामने हो गए। बाद में रेलवे पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल अधिकारी को शिकायतकर्ता बनाकर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।


रेलवे पुलिस की बहानेबाजी

रेलवे सुरक्षा बल शराब की हेराफेरी करते पकड़े गए आरोपियों, मोबाइल चोरी के संदिग्धों को जब भी गिरफ्तार करता है तो उन्हें अग्रिम कार्रवाई के लिए रेलवे पुलिस को सौंपता है। कुछ मामलों में यात्री चोरी के मोबाइल मिल जाने पर शिकायत से कतराते हैं। इन मामलों में भी रेलवे पुलिस शिकायतकर्ता नहीं होने का बहाना करती है। फिलहाल दोनों टीमें ट्रेन में एक साथ गश्त कर रही है, लेकिन आपसी तालमेल का अभाव है।

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