Surat News : टीबी और कोरोना संक्रमित महिला डेढ़ माह लंबे उपचार के बाद घर लौटी

महिला ने न्यू सिविल अस्पताल के चिकित्सकों को बताया भगवान

By: Sanjeev Kumar Singh

Published: 20 Jul 2020, 10:06 PM IST

सूरत.

न्यू सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने टीबी और कोरोना संक्रमित महिला को सात दिन आइसीयू में रखने तथा डेढ़ माह तक चले लम्बे उपचार के बाद स्वस्थ कर घर भेजा है। घर लौटते वक्त महिला ने कहा कि न्यू सिविल अस्पताल के डॉक्टर भगवान से कम नहीं है। कोविड-19 हॉस्पिटल, टीबी विभाग के डॉक्टरों ने मिलकर मेरा इलाज किया और टीबी व कोरोना का उपचार कर नया जीवन दिया है।

अमरोली के कोसाड आवास निवासी परवीन बानु सिकंदर पठान को सात मई को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था। महिला की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों ने उनको आइसीयू वार्ड में भर्ती किया था। उनको टीबी की बीमारी थी इसलिए परिजनों को उनके घर लौटने की कम आशा थी। लेकिन चिकित्सकों ने सात दिन आइसीयू तथा जनरल वार्ड में डेढ़ माह तक भर्ती करने के बाद महिला को स्वस्थ कर घर भेजा है।

5 साल का बेटा मां की राह देख रहा था

परवीन को घर जाते समय खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरे तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा पांच वर्ष का है, जो रोजाना उसके घर लौटने की राह देखता था। फोन पर बात करते समय बेटा पूछता था मम्मी तू कब घर आएगी। टीबी वार्ड की रेजिडेंट डॉ. वैशाली रोहित ने बताया कि परवीन की हालत गंभीर थी। उनको टीबी था और कोरोना पॉजिटिव आने के बाद चिकित्सकों को काफी मेहनत करनी पड़ी। इलाज के दौरान 24 मई को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी, लेकिन टीबी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण उनका लम्बे समय तक इलाज किया गया।

कोविड-19 के चिकित्सकों ने परवीन को टीबी वार्ड में रेफर कर दिया। टीबी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पारुल वडगामा, डॉ. ख्याती शामलिया, डॉ. भुमिका पटेल, डॉ. तमाकुवाला समेत अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम ने परवीन का उचित उपचार दिया। डॉ. वैशाली ने कहा कि मरीज की जिंदगी बचाने के लिए डॉक्टर निमित्त बनते हैं, बाकी सब भगवान के हाथ ही है।

Sanjeev Kumar Singh Reporting
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