शिक्षण समिति के शिक्षकों को नई जिम्मेदारी, घर जाकर भी छात्रों को पढ़ना होगा

नगर प्राथमिक शिक्षण समिति की 328 स्कूलों के 4200 शिक्षकों के लिए आदेश जारी, पहले से ही वर्चुअल क्लास के साथ कई तरह की जिम्मेदारी हैं शिक्षकों के सिर, समिति के अध्यक्ष ने कहा हर छात्र के घर जाना जरूरी नहीं

By: Sandip Kumar N Pateel

Published: 29 Jun 2020, 01:39 AM IST

सूरत। कोरॉना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच लगातार विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रहे नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षकों के सिर एक और नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऑनलाइन क्लास के साथ ही अब शिक्षकों को विद्यार्थियों के घर जाकर भी पढ़ना होगा। इस तरह के आदेश से शिक्षकों में एक ओर आक्रोश देखने मिल रहा है तो समिति के अध्यक्ष का कहना है कि शिक्षकों हर छात्र का सिर्फ फॉलोअप लेने के लिए कहा है।

सूरत महानगर पालिका संचालित नगर प्राथमिक शिक्षण समिति की शहर में कुल 328 स्कूलें हैं, जिसमें 1.60 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और 4200 शिक्षक सेवारत है। किराना महामारी के कारण मार्च महीने से ही समिति के स्कूलों में भी शिक्षा कार्य बंद हैं। नया सत्र शुरू होने के साथ समिति के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी ऑनलाइन क्लास और होम लर्निंग का कॉन्सेप्ट लागू किया है। 15 जून से इसकी शुरुआत भी हो गई है। सरकार की ओर से डी डी गिरनार और वन्दे गुजरात चेनल पर रोजाना अलग अलग कक्षाओं के लिए कार्यक्रम भी प्रसारित किए जा रहे हैं। इस दौरान अब समिति के शिक्षकों के लिए परिपत्र जारी कर आदेश दिया गया है कि वह ऑनलाइन पढ़ाने के साथ छात्रों को घर जाकर भी पढ़ाएंगे। प्रत्येक शिक्षक को रोज अपनी क्लास के 15 विद्यार्थियों का चयन करना होगा और उनके घर जाकर वह टीवी पर आनेवाले कार्यक्रम देख रहे है या नहीं, स्कूल की ओर से जो ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है वह उन्हें समझ में आ रहा है नहीं यह जानकारी लेने के साथ उन्हें जो समझ में नहीं आया हो वह पढ़ाना होगा। शिक्षक आदेश का पालन कर रहे है या नहीं इसलिए उन पर नजर भी रखी जाएंगी। शिक्षकों वह जिन छात्रों के घर जाएंगे उनका नाम और पता रजिस्टर में दर्ज कर कार्यालय में जमा करवाना होगा।

पहले से ही निभा रहे हैं कई जिम्मेदारियां

 

कोरॉन्ना महामारी के दौरान समिति के शिक्षकों को पहले से ही कई तरह की जिम्मेदारियां गई है, जिसमें होम क्वारानाटाइन , राशन की दुकानों पर ड्यूटी, स्वास्थ्य सर्वे, होमियोपैथी दवाइयों का वितरण आदि शामिल है। वहीं नया सत्र शुरू होने के साथ स्कूल की ड्यूटी भी पूरी करनी होती है। ऐसे में अब घर - घर जाकर बच्चों को पढ़ाने के इस आदेश ने शिक्षकों की मुश्किलों को और बढ़ा दी हैं।

सभी के घर नहीं जाना होगा

शिक्षकों को छात्रों के घर जाकर पढ़ाने का आदेश दिया गया है, लेकिन हर छात्र के घर जाने की जरुरत नहीं है। रोजाना 15 छात्र या अभिभावकों को फोन कर यह पता करना होगा की छात्र टीवी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम देख रहा है या नहीं, ऑनलाइन पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत तो नहीं आ रही। किसी छात्र को समस्या होगी तो उसके घर शिक्षक को जाना होगा और उसे पढ़ाना होगा।

हसमुख पटेल, अध्यक्ष, नगर प्राथमिक शिक्षण समिति

Sandip Kumar N Pateel Reporting
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