TEXTILE NEWS- क्यों नहीं लौट रहे सूरत से जाने वाले श्रमिक !!!!

दिवाली के बाद अभी तक नहीं लौटे श्रमिक, लग्नसरा के व्यापार पर असर की आशंका

सूरत
हर साल की तरह इस साल भी दिवाली वेकेशन पर सूरत से यूपी बिहार लौटे श्रमिकों में से पांच प्रतिशत श्रमिक नहीं लौटेंगे ऐसा बताया जा रहा है। इसका खामियाजा सूरत को भोगना पड़ेगा।
दिवाली वेकेशन पर वतन लौट गए श्रमिक अभी तक नहीं लौटने के कारण लूम्स कारखाने ठीक नहीं शुरू हो सके। दिवाली बीतने के दो सप्ताह बाद भी अब तक कारखानों में मात्र 25 प्रतिशत उत्पादन ही शुरू हो सका है। ऐसे में व्यापारियों की लग्नसरा की तैयारी पर बुरा असर पड़ सकता है।
कपड़ा बाजार में आगामी दिनों में लग्नसरा की खरीद शुरू होनी है। कुछ व्यापारियों ने दिवाली के पहले से ही लग्नसरा के लिए तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन ज्यादातर व्यापारी बाकी है। कपड़ा कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों ने वीवर्स और व्यापारियों दोनों के लिए चिंता खड़ी कर दी है। दिवाली बीतने के बाद भी अभी तक पचास प्रतिशत से ज्यादा श्रमिक नहीं लौटे। इस कारण सचिन, पांडेसरा, उधना, लिंबायत, वेडरोड, भटार सहित कई क्षेत्रों में सिर्फ आठ घंटे काम चल रहा है वह भी सिर्फ एक शिफ्ट में उत्पादन हो रहा है। कपड़ा उद्यमियों का कहना है कि अभी भी श्रमिकों को वतन से लौटने में एकाध महीना लग जाएगा।

कई श्रमिक तो परिवार में शादी-ब्याह होने के कारण वही रुक जाएगें। इन कारणों से व्यापारियों के लिए चिंता होने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि मंदी के कारण व्यापार पहले से ही कमजोर है।

TEXTILE NEWS- क्यों नहीं लौट रहे सूरत से जाने वाले श्रमिक !!!!

दिवाली पर थोड़ा व्यापार रहा लेकिन वह नाकाफी है। ऐसे में हमें लग्नसरा पर व्यापार ठीक रहने की उम्मीद है, लेकिन लूम्स कारखानों में काम करने वाले ज्यादातर श्रमिक अन्य राज्यों के है, जो कि दिवाली वेकेशन के एक सप्ताह पहले चले गए और अभी तक नहीं लौटकर आए हैं। यदि वह जल्दी नहीं लौटे तो लग्नसरा की तैयारी में विलंब होने से व्यापार बाधित हो सकता है।
हो सकता है नुकसान
लग्नसरा की खरीद जल्द शुरू होनी है,लेकिन अभी तक श्रमिक नहीं लौटकर आए। इस का असर व्यापार पर पड़ सकता है। हालाकि व्यापारियों और मिल मालिकों ने फोन कर श्रमिकों को जल्दी बुलाना शुरू कर दिया है।
देवकिशन मंघाणी, व्यापारी

पचास प्रतिशत से कम उत्पादन
फिलहाल लूम्स कारखाना में काम करने वाले श्रमिक बाहर होने के कारण उत्पादन अच्छे से शुरू नहीं हो सका है। एक अंदाज के अनुसार पचास प्रतिशत से ज्यादा कारखाने बंद है। हालाकि जल्दी ही शुरू होने की उम्मीद है।
महेन्द्र रामोलिया, वीवर

Pradeep Mishra
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