महिला की हत्या के मामले में अभियुक्त को उम्रकैद

नौ साल पहले कतारगाम में दिन दहाड़े हुई थी हत्या

By: Sandip Kumar N Pateel

Published: 03 Jan 2020, 09:52 PM IST

सूरत. कतारगाम क्षेत्र में नौ साल पहले दिन दहाड़े तलावर से वार कर महिला की हत्या के मामले में आरोपित गैराज संचालक भरतगिरी गोस्वामी को शुक्रवार को सेशन कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद और दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।


कतारगाम एसएमसी क्वार्टर निवासी सुनीता दवे और पति दिलीप दवे देवश्री केबल नेटवर्क में नौकरी करते थे। दिलीप लाइनमैन था और सुनीता ऑफिस में मैनेजर थी। उसकी पहचान पास में गैरेज चलाने वाले भरतगिरी करशनगिरी गोस्वामी से हुई। भरतगिरी ने सुनीता को दो लाख रुपए उधार दिए थे। रुपए चुकाने के बाद सुनीता ने भरतगिरी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बावजूद वह सुनीता पर संबंध रखने के लिए दबाव बना रहा था। वह उसका पीछा करता था। इसे लेकर सुनीता ने कतारगाम थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी और पुलिस ने भरतगिरी को गिरफ्तार किया था। इसी से नाराज होकर उसने सुनीता को जान से मारने की धमकी दी। 11 मई, 2011 की दोपहर साढ़े तीन बजे जब सुनीता डभोली वृंदावनपार्क में देवश्री नेटवर्क के ऑफिस में सहकर्मी तेजस के साथ थी, भरतगिरी हेलमेट पहनकर और मुंह पर रूमाल बांधकर ऑफिस में घुस गया। वह सुनीता से हाथापाई करने लगा। सुनीता धक्का मार कर ऑफिस से बाहर भाग गई। तेजस बीच-बचाव करने गया तो भरतगिरी ने तलावर दिखाकर उसे जान से मारने की धमकी दी और बीच सड़क पर सुनीता पर तलावर से वार कर फरार हो गया। अस्पताल में सुनीता की मौत हो गई थी। कतारगाम पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर भरतगिरी को गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट पेश करने के बाद मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सहायक लोकअभियोजक रिंकू पारेख आरोपों को साबित करने में सफल रही। शुक्रवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभियुक्त भरतगिरी गोस्वामी को हत्या के लिए दोषी मानते हुए आइपीसी की धारा 302 के तहत उम्रकैद और 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 506(2) के तहत 3 साल की कैद, 500 रुपए जुर्माना तथा धारा 188 के तहत 2 महीने की कैद और 100 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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Sandip Kumar N Pateel Reporting
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