हंगामे की भेंट चढ़ी लोकसभा चुनाव से पहले की आखिरी सामान्य सभा

लोकसभा चुनाव से पहले की संभवत: मनपा की अंतिम सामान्य सभा हंगामे की भेंट चढ़ गई। दोनों पक्ष के पार्षद चौकीदार और परिवारवाद में उलझ गए...

By: मुकेश शर्मा

Published: 03 Mar 2019, 12:19 AM IST

सूरत।लोकसभा चुनाव से पहले की संभवत: मनपा की अंतिम सामान्य सभा हंगामे की भेंट चढ़ गई। दोनों पक्ष के पार्षद चौकीदार और परिवारवाद में उलझ गए। दोनों पक्षों के शोर-शराबे के बीच महापौर डॉ. जगदीश पटेल की व्यवस्था पर एजेंडे में शामिल सभी प्रस्तावों को ध्वनिमत से मंजूर कर सामान्य सभा संपन्न हो गई।

मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता का ऐलान हो सकता है। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन ने मार्च की सामान्य सभा को २ मार्च को ही बुला लिया था। शनिवार को हुई सामान्य सभा सार्थक चर्चा की ओर बढ़ती, इससे पहले ही विवाद की लपटों ने उसे अपने घेरे में ले लिया। शुरुआत पार्षद विजय चौमाल से हुई। भाजपा पार्षद ने चर्चा के विषय से हटते हुए बीती स्थाई समिति में पारित हुए शहीद स्मारक के प्रस्ताव का जिक्र किया। उन्होंने भाजपा को सैनिकों की हितैषी बताते हुए कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप जड़ दिया। महापौर की अनुपस्थिति में उनकी जगह डाइस पर बैठे उपमहापौर नीरव शाह ने चौमाल को बैठने का आग्रह किया, लेकिन जब तक वह बैठते, मामला बिगड़ चुका था।

चौमाल के परिवारवाद के आरोप पर कांग्रेस पार्षद शैलेष रायका ने विरोध जताया। इस बीच पार्षद दिनेश काछडिय़ा डायस के नजदीक पहुंच गए। यह देख सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और सुरक्षा घेरा बना दिया। दिनेश के साथ कांग्रेस के अन्य पार्षद भी वेल में जमा हो गए और चौमाल के निलंबन की मांग करने लगे।

महापौर डॉ. जगदीश पटेल ने पार्षदों को शांत होकर बैठने और पूरे मामले पर अपनी अनुपस्थिति का हवाला देते हुए उस वक्त व्यवस्था संभाल रहे नीरव शाह से निर्णय करने को कहा। नीरव ने बोर्ड के एजेंडे में शामिल कामों का हवाला देते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाने की बात कही। इस पर नाराज कांग्रेस पार्षद शैलेष रायका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आक्षेप लगाते हुए चौकीदार... जुमला बोल दिया। इसके बाद सत्तापक्ष के पार्षदों ने सदन में जमकर हंगामा किया। बात बिगड़ती देख महापौर ने स्थाई समिति प्रमुख अनिल गोपलाणी और अन्य समितियों के प्रमुखों को ध्वनिमत से एजेंडा पारित कराने की व्यवस्था दी। इसके बाद बगैर चर्चा ही शेष प्रस्तावों को पारित कर सामान्य सभा हंगामे के बीच संपन्न हो गई।

अधूरी तैयारी के साथ आए प्रस्ताव

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अतिरिक्त कामों में जिन प्रस्तावों को लिया गया, उनमें कई आधी-अधूरी तैयारी के साथ शामिल किए गए। सूरत टैक्सटाइल मार्केट और एक्सपेरीमेंटल स्कूल की लीज के मामले पर कांग्रेस ने कहा कि अतिरिक्त कामों में इन्हें शामिल कर लिया गया, लेकिन फाइल में इनकी दरख्वास्त तक नहीं लगाई गई। उधर, सूरत टैक्सटाइल मार्केट के पदाधिकारियों ने लीज की दर तय करने से पहले उनका पक्ष नहीं सुने जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने महापौर, आयुक्त और स्थाई समिति प्रमुख को पत्र सौंप कर मांग की है कि किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले सूरत टैक्टसटाइल मार्केट के व्यापारियों का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।

ऊर्जा बचाकर रखने की सलाह

हंगामे के बीच चर्चा के बगैर संपन्न हुई सामान्य सभा से सत्तापक्ष और विपक्ष के कई पार्षद खिन्न दिखे। महापौर डॉ. जगदीश पटेल ने पार्षदों को चुनाव के लिए ऊर्जा बचाकर रखने की सलाह देते हुए कहा कि पार्षदों को सामान्य सभा और चुनावी सभा के फर्क को समझना होगा। भाजपा पार्षद विजय चौमाल की कांग्रेस पर परिवारवाद की टिप्पणी के बाद सामान्य सभा में जमकर हंगामा हुआ। यह पहला मौका नहीं है, जब चौमाल की टिप्पणी पर सामान्य सभा में हंगामा हुआ हो। मौजूदा बोर्ड की पहली बैठक ही हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। उस वक्त भी चौमाल ने कांग्रेस आलाकमान पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद सामान्य सभा में जमकर हंगामा हुआ था। इसका असर बाद में हुई सामान्य सभा की कई बैठकों में देखने को मिला था और चौमाल की टिप्पणी के बाद विपक्ष ने बोर्ड नहीं चलने दिया था।

शनिवार को एक बार फिर ऐसे ही हालात बने। इस बार चौमाल के बयान के विरोध में कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अभद्र शब्द बोले, जिसके बाद मामला बिगड़ गया। सभा संपन्न होने के बाद अपने कक्ष में महापौर ने पार्षद विजय चौमाल के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई और अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सामान्य सभा अलग मंच है। चुनाव सभा के मुद्दों को इस मंच पर उठाना ठीक नहीं है।

ऐसे बढ़ा विवाद

शून्यकाल और प्रश्नकाल के बाद एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई। एजेंडे में पांचवे क्रम पर शामिल तापी नदी पर प्रस्तावित कन्वेंशनल बैराज के मुद्दे पर चर्चा चल रही थी। विजय चौमाल ने चर्चा में भाग लेते हुए इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी और तुरंत ही चर्चा का रुख स्थाई समिति में मंजूर हुए शहीद स्मारक के प्रस्ताव की ओर मोड़ दिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, चौमाल ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप जड़ दिया। इसके बाद बोर्ड में चर्चा आगे नहीं बढ़ पाई।

अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा

सामान्य सभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। हंगामे के कारण बगैर चर्चा सामान्य सभा संपन्न होने से यह मुद्दे छूट गए। मनपा प्रशासन ने सामान्य सभा के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को शामिल किया था, जो नीति विषयक हैं और सीधे तौर पर आम आदमी से जुड़े हैं। इनमें अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत शहरभर में सात जगह इडब्ल्यूएस आवास का प्रस्ताव शामिल है। मनपा प्रशासन प्रधानमंत्री आवास योजना हाउसिंग फॉर ऑल २०२२ के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप के तहत इन आवासों को बनाने जा रहा है। इसके अलावा सिटी बस का डिपो भी बनाया जाना है। एजेंडे के अतिरिक्त कामों में मनपा प्रशासन ने सूरत टैक्सटाइल मार्केट और एक्सपेरीमेंटल स्कूल की लीज के प्रस्ताव को भी शामिल किया था।

मुकेश शर्मा Reporting
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