विकास ने ली हरियाली की जान

विकास ने ली हरियाली की जान

Dinesh O.Bhardwaj | Updated: 04 Jun 2019, 08:50:37 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

सारोली बीआरटीएस प्रोजेक्ट ने दस साल पुराने पौधे उखाड़े

 

सूरत. सूरत महानगर दुनिया में तेजी से विकसित शहरों की सूची में शामिल है और इस विकास में प्रकृति का भी अमूल्य योगदान है। पर्यावरण दिवस की पूर्वसंध्या पर शहर विकास के नाम पर बलि चढ़े पौधों की कुर्बानी भी याद कर लेनी चाहिए। ऐसे ही शहर विकास की भेंट कड़ोदरा रोड पर दस साल पुराने सैकड़ों पौधे चढ़ गए है।
सूरत महानगरपालिका का दायरा बढऩे के साथ-साथ विकास की गति भी तेजी से बढ़ती जा रही है। शहर की पूर्व दिशा में सहारा दरवाजा से परवत पाटिया क्षेत्र में वकीलवाड़ी तक बीआरटीएस प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। मनपा प्रशासन ने यहां बीआरटीएस प्रोजेक्ट आगे बढ़ाते हुए सारोली में भरत केंसर होस्पीटल से नियोल गांव के चौराहे तक कार्य शुरू किया है। बीआरटीएस प्रोजेक्ट में प्राथमिक रूप से करीब चार किमी तक सडक़ के मध्य डिवाइडर को तोड़ा गया और इसमें लगे दस साल पुराने पौधे नष्ट कर दिए गए। चार किमी की दूरी में जारी बीआरटीएस निर्माण प्रक्रिया में सैकड़ों पौधे मनपा मशीनरी ने उखाड़ फैंके है। इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों में नाराजगी है और सवाल है कि आखिर इतनी मात्रा में पौधे नष्ट करने के बाद मनपा प्रशासन क्षेत्रीय गांवों में अथवा सडक़ किनारे फिर से नए पौधे लगाएगी या नहीं।


कनेर के थे सभी पौधे


वर्ष 2009 में सारोली से कड़ोदरा मार्ग पर डिवाइडर के बीच शहर की पर्यावरण प्रेमी एसजी एन्वायरमेंट संस्था ने करीब साढ़े तीन हजार कनेर के पौधे लगाए थे। यह पौधे घने, छोटे और कम देखभाल के लिए जाने जाते है। संस्था के करीब 70-80 जनों ने यह पौधे पांच रविवार को करीब ढाई-तीन घंटे का समय देकर लगाए थे। तब यह क्षेत्र जिला पंचायत में आता था और इसकी अनुमति सडक़ निर्माण विभाग से ली गई बताई थी।

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