सवर्ण समाज को संगठित और जागरूक होने की जरूरत

सवर्ण समाज को संगठित और जागरूक होने की जरूरत

Sunil Mishra | Publish: Mar, 17 2019 09:52:18 PM (IST) Surat, Surat, Gujarat, India

आचार्य विमलसागरसूरी ने वापी में धर्मसभा को किया संबोधित


वापी. टाउन स्थित मानव कल्याण ट्रस्ट के मंडप में रविवार को विराट धर्मसभा का आयोजन किया गया। इसमें आचार्य विमलसागरसूरी ने धर्म, समाज, संस्कार, सांस्कृतिक, विवाह व्यवस्था, विवाह विच्छेद तथा अंतरजातीय विवाह के संबंध में संबोधन किया। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज की कन्याओं को बहलाकर भगाया जा रहा है। इनमें से कई कन्याएं दु:खी होकर वापस लौटी हैं और उनका जीवन अंधकारमय हो गया है। उन्होंने सवर्ण समाज में कन्याओं की कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवकों को विवाह योग्य कन्या नहीं मिल रही है जो समाज के लिए चिंता की बात है।
आचार्य ने कहा कि सवर्ण समाज को संगठित और जागरूक होने की जरूरत है। नहीं तो बाद में पश्चाताप करने का कोई अर्थ नहीं रहेगा। उन्होंने ऐसे कानून लाने पर जोर दिया जिसमें सवर्ण कन्या को भगाने वाले युवक को जीवन पर्यन्त कन्या का धर्म अपनाने की बाध्यता रहे। साथ ही संतानों की परवरिश भी सवर्ण समाज की नीति रीति के अनुसार हो। उन्होंने समाज को कन्याओं की शिक्षा संस्कार पर जोर देने का आह्वान किया।

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धर्म सभा में दो हजार से ज्यादा लोग

धर्म सभा में जैनों के अलावा पटेल, अग्रवाल, माहेश्वरी, ब्राह्मण तथा अन्य सवर्ण समाज के दो हजार से ज्यादा लोग उपस्थित थे।
इससे पूर्व रविवार को सुबह आचार्य वर्धमानसागरसूरी, आचार्य विमलसागरसूरी महाराज आदि नवसंतों का उदवाड़ा से पदयात्रा करते हुए वापी पहुंचने पर जैन समाज के भाविकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर स्वागत किया। सोमवार को सिलवासा में धर्मसभा का आयोजन होगा, जिसके लिए बाद में संतों ने सिलवासा के लिए प्रस्थान किया।

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