स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सतर्क हुआ जीटीयू

गुजरात टेक्नोलोजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) की दिसम्बर 2014 की शीतकालीन परीक्षा के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम से उत्तर पुस्तिका बाहर लाकर छात्रों को पास करने

By: कमल राजपूत

Published: 04 Dec 2015, 11:37 PM IST

सूरत। गुजरात टेक्नोलोजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) की दिसम्बर 2014 की शीतकालीन परीक्षा के दौरान स्ट्रॉन्ग रूम से उत्तर पुस्तिका बाहर लाकर छात्रों को पास करने के घोटाले का राजस्थान पत्रिका ने पर्दाफाश किया था। इसके बाद जीटीयू स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर काफी सर्तक हो गया है। शुक्रवार से जीटीयू की शीतकालीन परीक्षा का आगाज हो गया। इस परीक्षा में पिछले साल जैसी घटना न हो, इसलिए स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

जीटीयू की दिसम्बर 2014 की शीतकालीन परीक्षा के दौरान दक्षिण गुजरात के परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं रखने के लिए अठवा गेट स्थित गल्र्स पोलिटेक्निक कॉलेज में स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया था। इस स्ट्रॉन्ग रूम से उत्तर पुस्तिकाएं बाहर लाकर छात्रों को दी जाती थीं। छात्र देर रात उत्तर पुस्तिका ले जाते थे और लिखकर स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करवा देते थे।

इस घोटाले का राजस्थान पत्रिका की टीम ने 29 दिसम्बर, 2014 की देर रात स्टिंग ऑपरेशन कर पर्दाफाश किया था। घोटाला प्रकाश में आने के बाद जीटीयू के कुलपति अक्षय अग्रवाल ने पदाधिकारियों को लापरवाह ठहराते हुए कार्रवाई शुरू की थी। राजस्थान पत्रिका ने गल्र्स पोलिटेक्निक कॉलेज में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम की ढीली सुरक्षा व्यवस्था की खबर भी प्रकाशित की थी। इसके बाद जीटीयू ने स्ट्रॉन्ग रूम को आरटीओ स्थित गांधी सरकारी डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थलांतरित कर दिया था। इस घटना को एक साल पूरा हो गया है। जीटीयू की शीतकालीन परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गईं। दक्षिण गुजरात के जीटीयू संबद्ध सभी महाविद्यालयों की उत्तर पुस्तिकाएं गांधी कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में जमा होंगी।

सीसी कैमरे लगाए
इस बार स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर सीसीवीवी कैमरे लगाए गए हैं। गल्र्स पोलिटेक्निक कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में भी यह कैमरे थे, लेकिन यह इस तरह लगे हुए थे कि कोई भी इनसे बच सकता था। इस बार कॉलेज प्रशासन ने ऐसे कैमरे लगाए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम तक आने-जाने वालों पर नजर रहे। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों के साथ पांच अधिकारियों को स्ट्रॉन्ग रूम का जिम्मा सौंपा गया है।

11 उत्तर पुस्तिकाएं रात को थीं बाहर
गल्र्स पोलिटेक्निक कॉलेज के स्ट्रांग रूम से 29 दिसम्बर, 2014 की रात बीई मेथ्स पेपर की 11 उत्तर पुस्तिकाएं बाहर थीं। इस मामले में लंबी जांच चली। पुलिस ने कई विद्यार्थियों को पकड़ा। जीटीयू ने इस मामले में विद्यार्थियों को दोषी पाया था। दोषी छात्रों पर विभिन्न धाराओं में मामला चला और उनके परीक्षा देने पर रोक लगाई गई।

स्ट्रॉन्ग नहीं था पिछला स्ट्रॉन्ग रूम
गल्र्स पोलिटेक्निक कॉलेज के जिस कक्ष में जीटीयू का स्ट्रॉन्ग रूम बनाया गया था, वह स्ट्रॉन्ग नहीं था। राजस्थान पत्रिका की टीम ने पाया था कि प्लास्टिक के टूटे दरवाजे के पीछे उत्तर पुस्तिकाओं को रखा जाता था। कॉलेज के प्रवेश द्वार से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक जाने वाले रास्ते पर कोई सीसी कैमरा नहीं था। स्ट्रॉन्ग रूम में आने-जाने वालों की जानकारी रखने के लिए इन-आउट रजिस्टर नहीं था। कोई सुरक्षा कर्मी भी वहां तैनात नहीं किया गया था।

सुरक्षा बढ़ाई
 पिछली परीक्षा में जो घटना हुई, उसके बाद स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर सुरक्षा कड़ी की गई है। सुरक्षा कर्मी, सीसी कैमरों और अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शाम के बाद गनिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम के पास लोहे की सलाखें लगाई गई हैं।
बी.एम वाढ़ेर, प्राचार्य, गांधी सरकारी इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज, सूरत

दिव्येश सोंदरवा
कमल राजपूत Content Writing
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