कपड़ा बाजार खुल तो गया है लेकिन अभी तक कारोबार ने गति नहीं पकड़ी

लूम्स संचालकों के पास माल ही नहीं

By: Pradeep Mishra

Published: 25 Nov 2018, 07:51 PM IST


सूरत
ग्रे बाजार में बीते सप्ताह व्यापार कमजोर रहा। कपड़ा बाजार की दुकानें खुलने के बावजूद व्यापारियों की ओर से ग्रे की खरीद सामान्य रही। लूम्स संचालकों के पास माल ही नहीं है। हालाकि इसके बावजूद तमाम क्वॉलिटी में दाम यथावत रहे।
ग्रे बाजार के सूत्रों के अनुसार दिवाली के बाद कपड़ा बाजार खुल तो गया है लेकिन अभी तक कारोबार ने गति नहीं पकड़ी है। लूम्स कारखानों में अभी भी अच्छे से उत्पादन नहीं शुरू हो सका। ग्रे बाजार में बीते सप्ताह तमाम क्वॉलिटी में दाम स्थिर रहे। कपड़ा कारोबारी सज्जन महर्षि ने बताया कि कपड़ा का कारोबार अभी कमजोर है। अन्य राज्यों से खरीद अभी नहीं शुरू हो सकी है। स्थानीय व्यापारियों की ओर से ग्रे की डिमांड भी कम रही। नीरस माहौल के बीच व्यापार भी नरम है। इस कारण ग्रे की तमाम क्वॉलिटी में दाम यथावत रहे। भिवंडी ग्रे बाजार में बीते सप्ताह कारोबार सामान्य रहा। ग्रे व्यवसायी गिरधारी साबू ने बताया कि व्यापारियों की ओर से ग्रे की डिमांड सामान्य रही। इस कारण तमाम क्वॉलिटी में दाम यथावत रहे। आगामी दिनों में मांग बढऩे की उम्मीद है।

फोगवा ने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा
गुजरात टैक्सटाइल की नई टैक्सटाइल पॉलिसी में अपनी मांग व्यक्त करने के लिए फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से समय मांगा।
फोगवा के सदस्य मयूर गोलवाला ने बताया कि सूरत का कपड़ा उद्योग इन दिनों बुरे हालांत से गुजर रहा है। इसलिए नई टैक्सटाइल पॉलिसी में कुछ घोषणाए आवश्यक है। इस सिलसिले में चर्चा के लिए वह मुख्यमंत्री से मिलना चाहते हैं। फोगवा के सदस्यों ने महाराष्ट्र की तर्ज पर साढे तीन रूपए यूनिट के हिसाब से बिजली देने, कपड़ा उद्यमियों के लिए पांच से सात प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, पुराने पावर लूम के आधुनिकीकरण के लिए 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, वीविंग यूनिट के निर्माण के लिए नए निर्माणकार्य पर 350 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट सब्सिडी की मांग भी ई-मेल के माध्यम से की हैै

Pradeep Mishra Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned