फिर हंगामे की भेंट चढ़ी सामान्य सभा

आप पार्षद के निलंबन के विरोध में विपक्ष ने किया वाकआउट, औपचारिकता निभाकर मिनटों में संपन्न हुई कार्रवाई

By: विनीत शर्मा

Published: 28 Jul 2021, 08:39 PM IST

सूरत. जैसी कि पहले से उम्मीद थी, बुधवार को हुई सामान्य सभा में वही हुआ। आप पार्षद के निलंबन के विरोध में विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। इसके बाद सत्तापक्ष ने भी महज औपचारिकता निभाते हुए चंद मिनटों में एजेंडे के प्रस्तावों को मंजूरी देकर सामान्य सभा की कार्रवाई संपन्न कर दी।

नए बोर्ड के गठन के बाद से ही माना जा रहा था कि इस बार का बोर्ड सत्तापक्ष के लिए आसान नहीं रहने वाला। उसके बाद से स्थितियां कुछ वैसी ही बन रही हैं। शिक्षण समिति चुनाव के बाद से दोनों पक्षों के बीच तकरार और तीखी हो गई है। बुधवार को भी बोर्ड में कई बार ऐसी स्थितियां बनीं जब मामला बिगड़ता दिखा। एजेंडे पर चर्चा शुरू होने के बाद वह क्षण भी आ ही गया जब सामान्य सभा की कार्रवाई पटरी से उतर गई।

स्थाई समिति के प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के पार्षद कनु गेडिया ने संशोाधन प्रस्ताव रखा था। इसे लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी इतनी बड़ी हो गई कि महापौर हेमाली बोघावाला ने अचानक कार्रवाई करते हुए पार्षद को निलंबित कर दिया। इसके विरोध में आप पार्षदों ने सदन के अंदर जमकर हंगामा किया और कार्रवाई का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर चले गए। इसके बाद सत्तापक्ष ने औपचारिकता निभाते हुए एजेंडे के कामों को एकसाथ मंजूरी देते हुए सामान्य सभा की कार्रवाई को संपन्न कर दिया।

पूरक प्रश्न पर भी नहीं दिया था अवसर

इससे पहले प्रश्नकाल में भी एक बार ऐसी स्थिति बनी थी जब बात बिगड़ते-बिगड़ते रह गई थी। पहले ही सवाल के जवाब में विपक्ष के पार्षदों ने पूरक प्रश्न की मांग उठाई थी। इसे दरकिनार करते हुए महापौर ने समय पूरा होने की बात कह दूसरे प्रश्न के लिए भाजपा पार्षद को मौका दिया था। इसके बाद आप पार्षदों ने एक बार फिर कोशिश की और मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणि के सवाल का जवाब देने के बीच में ही पूरक प्रश्न पूछ लिया। उन्होंने दलील दी कि जवाब पूरा होने के बाद पूरक प्रश्न की बात करेंगे तो समय पूरा होने की बात कहकर मौका नहीं दिया जाएगा।

चर्चा का मुद्दा ही भूले

भाजपा के एक पार्षद शून्यकाल में चर्चा का मुद्दा ही भूल गए। शून्यकाल के दौरान नेता विपक्ष धर्मेश भंडेरी ने सत्तापक्ष पर तीखे हमले किए थे। वो अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाए थे कि महापौर ने भाजपा पार्षद को बोलने का मौका दे दिया। इस हड़बड़ी में भाजपा पार्षद शून्यकाल में बोलने की जगह एजेंडा के काम पर ही बोलने लगे। यह स्थिति देख मंचासीन महापौर, उपमहापौर और मनपा आयुक्त समेत पूरा सदन हतप्रभ रह गया।

चौमाल ने उठाया जमीनों की सुरक्षा का मामला

शून्यकाल में चर्चा के दौरान भाजपा पार्षद विजय चौमाल ने एक बार फिर जमीनों पर कब्जे की घटनाओं को लेकर उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लैंड गैब्रिंग एक्ट के तहत जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पिछले दिनों आंजणा-डुम्भाल में खाली कराई 55 सौ वर्गफीट जगह मुक्त कराने के लिए मनपा प्रशासन का आभार जताया। गौरतलब है कि चौमाल की शिकायत पर ही मनपा प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उक्त जमीन को अतिक्रमणकारियों के शिकंजे से मुक्त कराया था।

विनीत शर्मा Reporting
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