त्रिपुरा में हैं कारोबार के अवसर- दिनेश नवाडिया

चैंबर के तत्वावधान में विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों ने त्रिपुरा का दौरा कर तलाशी संभावनाएं

By: विनीत शर्मा

Published: 21 Jul 2021, 07:15 PM IST

सूरत. शहर के कारोबारियों के लिए त्रिपुरा में कारोबार के नए अवसर मिल सकते हैं। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक प्रतिनिधिमंडल ने त्रिपुरा का दौरा कर वहां व्यापार की संभावनाएं तलाशने की कोशिश की है। उसके मुताबिक फूड प्रोसेसिंग और टैक्सटाइल समेत कई क्षेत्रों में कारोबार की असीम संभावनाएं हैं।

चैम्बर प्रमुख दिनेश नवाडिया ने बताया कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की पहल पर चैम्बर का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों त्रिपुरा के दौरे पर गया था। इस प्रतिनिधिमंडल में शहर के विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब और सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों के साथ संवाद कर वहां की आर्थिक, कारोबारी और भौगोलिक स्थिति समझी। साथ ही सूरत की कारोबारी गतिविधियों का प्रजेंटेशन दिया। नावडिया ने बताया कि शहर से लगभग आधी आबादी के त्रिपुरा में कारोबार की बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही पक्ष कारोबारी सहयोग कर विकास को नई दिशा देने में सक्षम हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने चाय बागान, मेगा फूड पार्क, इंडस्ट्रियल एस्टेट, हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर, बैंबू प्रोसेसिंग एंड फर्नीचर मेकिंग यूनिट, रबर प्रोसेसिंग यूनिट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, अगरवुड प्लांटेशन, बैम्बू विलेज, टूल रूम का भी दौरा किया और इन क्षेत्रों में उद्योग और कारोबारी अवसरों की संभावना को समझा। उन्होंने कहा कि शहर के जो लोग त्रिपुरा में उद्योग की संभावनाएं तलाशना चाहते हैं, चैम्बर उसमें सहयोग कर सकता है।

त्रिपुरा दौरे पर गए वेलजी शेटा ने बताया कि वहां अगरवुड की अच्छी खेती है। इसके पेड़ से चिप्स और तेल निकलता है, जिसकी बाजार में बड़ी मांग है। इसके चिप्स से धूप और तेल से इत्र बनाया जाता है। इसके अलावा इस पेड़ का इस्तेमाल दवा में भी किया जाता है। इसके अलावा, बांस फर्नीचर, रबरवुड जैसी वस्तुओं का उपयोग रियल एस्टेट उद्योग में लकड़ी के लिए एक अच्छे विकल्प के रूप में किया जा सकता है। एक अन्य सदस्य मनहर सांसपरा ने बताया कि त्रिपुरा में अनानास, लीची, कटहल जैसे फल की गुणवत्ता किसी भी दूसरी जगह के फलों से ज्यादा बेहतर है। परिवहन के सीमित विकल्प के कारण इन फलों को बाहर भेजना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वहां फूड इंडस्ट्री के पर्याप्त अवसर हैं।

प्रतिनिधिमंडल में कपड़ा उद्योग की नुमाइंदगी कर रहे दीपक शेटा ने बताया कि त्रिपुरा तीन तरफ से बांग्लादेश की सीमा से जुड़ा हुआ है। बांग्लादेश का बंदरगाह त्रिपुरा की सीमा से लगभग 70 किमी दूर है। दोनों देशों को जोडऩे के लिए मैत्री पुल पर काम चल रहा है। इस पुल और अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्ट के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच कारोबार के ज्यादा मौके बनेंगे। इसका लाभ सूरत टेक्सटाइल उद्योग को भी मिल सकता है। इसके अलावा त्रिपुरा सरकार लॉजिस्टिक्स पार्क और स्पेशल इकनॉमिक जोन भी स्थापित करने जा रही है, जो टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। त्रिपुरा गए सदस्यों ने बताया कि वहां दवा उद्योग के लिए भी बड़ी संभावनाएं हैं। आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण के लिए त्रिपुरा एक बेहतर जगह साबित हो सकता है।

विनीत शर्मा Reporting
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