PARGHI GANG : दिन में ये लोग गुब्बारे बेचते, रात में चोरी व डकैती को अंजाम देते

- सूरत गुजरात सहित देशभर के शहरों में आतंक मचाने वाले...

- मप्र के चड्डी- बनियान धारी पारघी गिरोह के 10 गिरफ्तार

- चार महीनों में सूरत के कई इलाकों में 14 वारदातों को दिया अंजाम,

- Terrorists in cities across the country including Surat Gujarat ...

- 10 of MP's tights-vest stripe Parghi gang arrested

- In 4 months, 14 incidents took place in many areas of Surat

By: Dinesh M Trivedi

Published: 04 May 2021, 01:26 PM IST

सूरत. पिछले चार महीनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में चोरी व डकैती की 14 वारदातों को अंजाम देकर एक बार फिर लोगों में दहशत फैलाने वाले चड्डी-बनियानधारी पारघी गिरोह के दस जनों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। उनके कब्जे से चुराया गया सामान भी जब्त किया है। जबकि इसी गिरोह के छह अन्य अभी भी फरार हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पारघी पेशेवर गिरोह है। ये लोग गुब्बारे आदि बेचने के बहाने शहरों में जाते हैं और वहां पर मिलकर चोरी-डकैती की घटनाओं को अंजाम देते हैं। चार माह पूर्व ये लोग मध्यप्रदेश से सूरत आए और यहां अमरोली ब्रिज के नीचे पड़ाव डाला था। दिन में ये लोग गुब्बारे बेचते-बेचते घरों की रेकी भी करते हैं। एक जना रेकी करने के बाद गिरोह के अन्य साथियों को बुलाता है। फिर सभी मिलकर जायजा लेते हैं। उसके बाद चोरी का प्लान बनाते है।

वारदात की रात करीब सात बजे ही सभी अलग-अलग तरीकों से घटनास्थल के आसपास फुटपाथ व खुले मैदानों मेें पहुंचकर डेरा डाल देते हैं। फिर रात डेढ़ से दो बजे के दौरान सभी तय किए गए घर पर पहुंचते हैं। सबका काम बंटा हुआ होता है। अधिकतर वे रसोई की खिडक़ी काटकर प्रवेश करते हैं। दो-तीन जनें थैला लेकर अंदर घुसते हैं। शेष बाहर पहरा देते हैं। अंदर घुसे लोग कीमती सामान चुराकर निकलते हैं तो सभी निकट ही तय किए गए स्थान पर पहुंच जाते हैं। फिर सुबह होने का इंतजार करते हैं।

सुबह चहल- पहल होने पर ऑटो रिक्शा में सवार होकर अमरोली ब्रिज के नीचे अपने ठिकाने पर पहुंचते हैं और वहां चुराए गए सामान का बंटवारा कर देते थे। पिछले दिनों हुई घटनाओं के साथ चलते क्राइम ब्रांच अलग- अलग तरीकों से उनकी टोह लेने में जुटी थी। जहंगीरपुरा में डकैती व अमरोली के एक बंगले में हुई चोरी की कोशिश की घटनाओं से पुलिस को कुछ फुटेज मिले।

जिनके आधार पुलिस ने गिरोह के कुछ लोगों को पहचाना और उनके बारे में मुखबिरों को सतर्क किया। एक मुखबिर से पुलिस को खबर मिली की सभी मध्यप्रदेश जाने के लिए मोटा वराछा लेक गॉर्डन के पास एकत्र होने वाले हैं। जिसके आधार पर पुलिस ने छापा मारा और दस जनों को पकड़ लिया, लेकिन शेष छह किसी तरह बच निकले।

कथित चड्डी-बनियान व गुलेल परम्परागत तरीका :

कथित चड्डी बनियान व गुलेल पारघी गिरोह का परम्परागत तरीका है। वे चोरी करने से पहले पहचाने जाने के डर से अपनी कमीज निकाल लेते हैं। भागने में आसानी रहे इसके लिए पेंट ऊपर चढ़ाकर हाफ पेंट बना लेते हैं। चप्पल उतार कर पीछे बनियान में ठूंस देते हैं। अपने कंधे की लुंगी कमर में बांध देते हैं। लुंगी में ही चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार ठूंस कर रखते हैं। ऐसे हुलिए में उन्हें पहचानने में भी मुश्किल होती है। अपने पास गुलेल भी रखते हैं। चोरी के दौरान यदि जाग हो जाए और कोई उनका पीछा करे तो उस पर गुलेल से हमला करते हैं। रात में श्वानों से बचने के लिए भी गुलेल का इस्तेमाल करते हैं। चोरी के बाद अपना हुलिया ठीक कर आम मजूदरों में शामिल हो जाते हैं।

देश के कई शहरों में हाथ आजमाए :

पुलिस ने बताया कि पारघी गिरोह के लोग पेशेवर अपराधी हैं। सूरत ही नहीं, उन्होंने अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, खेड़ा, डीसा, वलसाड़, महाराष्ट्र के मुंबई, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश व पंजाब के भी कई शहरों में चोरी व लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है और पकड़े भी गए हैं।

दस को पकड़ा, छह अन्य फरार :


पुलिस ने मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के बजरंग नगर सालाखेड़ी निवासी नंदु पारघी, दिनेश पारघी, अर्जुन सोलंकी, सिंबा पंवार, राजकुमार पंवार, बिलवा गांव निवासी बल्ला भील, कालू बामणी, उज्जैन जिले के नीलगंगा निवासी बापूसिंह फूलमाली, ग्लावियर जिले के हड़ीमिल निवासी राजू सोलंकी व विश्रवा नगर निवासी विकास सोलंकी को गिरफ्तार किया है। जबकि इनके छह साथी मध्यप्रदेश के गुना निवासी रूकेश पारघी, देवा पारघी, सचिन भील, मोन्टी पारघी, गजरात व काला फरार है।

यह हुआ बरामद :

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.48 लाख रुपए के सोने चांदी के जेवर, 36 हजार रुपए नकद, 1.48 लाख की आठ मंहगी घडिय़ा, 34 हजार रुपए के आठ मोबाइल फोन बरामद किए है। इसके अलावा चार गिलोल, दो पेचकस, कटर, हेन्ड ड्रील मशीन समेत चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी जब्त किए हैं।

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Dinesh M Trivedi Reporting
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