यह खिड़की जो अक्सर बंद रहती है...

खिड़की नहीं खुलने से लोगों को बाकी दो खिड़कियों पर लगती है कतार

By: विनीत शर्मा

Updated: 07 Mar 2018, 10:55 PM IST

वापी. वापी रेलवे स्टेशन के आरक्षण केन्द्र की तीन में से एक खिड़की सुबह के समय अक्सर बंद रहती है। इन दिनों सीजन की भीड के बावजूद खिड़की नहीं खुलने से लोगों को बाकी दो खिड़कियों पर कतार लगानी पड़ती है।

वापी स्टेशन पर आरक्षण टिकटों के लिए लगने वाली लंबी लाइनों को देखते हुए तीन काउन्टर बनाए गए हैं। इनमें से एक खिड़की पिछले कुछ दिन से सुबह करीब 11 बजे तक अक्सर बंद रहती है। बाद में करीब दो बजे तक तीनों खिड़कियां खुलती हैं।

सामान्य दिनों में इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, गर्मी के सीजन में आरक्षण के लिए लोगों को इससे परेशानी होती है। तीनों खिड़कियों के चालू रहने से कुछ ज्यादा लोगों को कन्फर्म टिकट की उम्मीद रहती है। एक खिड़की के बंद रहने से दो खिड़की से टिकट मिलता है और भारी भीड़ वाली ट्रेनों के लिए दो नंबर के बाद ही स्टेटस वेटिंग आ जाता है। इसके अलावा दो ही खिड़कियों के खुला रहने से लोगों को ज्यादा समय तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।

बार-बार तकनीकी खराबी

बुधवार को भी दो नंबर की खिड़की बंद थी। यहां तकनीकी खराबी से काम बंद की सूचना लगाई गई थी। यहां टिकट के लिए आए कुछ लोगो ने बताया कि दो-तीन दिन पहले भी इसी तरह एक खिडकी बंद थी और यही कारण बताया गया था। इस बारे में दूसरे काउन्टर पर उपस्थित कर्मचारी से पूछा तो उसने भी कहा कि टेक्नीकल दिक्कत है कुछ देर बाद शुरु हो जाएगी। इस बारे में अन्य लोगों से और पता किया तो सामने आया कि सप्ताह में तीन से चार दिन ऐसा ही होता है। 11 बजे तक तकनीकी खराबी रहती है और बाद में ठीक हो जाती है।

 

स्टाफ की कमी

अक्सर एक खिड़की बंद रहने पर भले ही तकनीकी खामी को कारण बताया जाता है, मगर जानकारों की मानें तो स्टाफ की कमी बड़ी वजह है। इस बारे में काउन्टर पर मौजूद कर्मचारी से लेकर स्टेशन के अन्य अधिकारियों तक से बात की, मगर किसी ने खुलकर यह नहीं कहा कि कर्मचारी की कमी है। निजी बातचीत में यह माना कि स्टाफ की कमी से काम अटकते हैं।

 

 

 

कन्फर्म की उम्मीद धूमिल

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एसी के तत्काल टिकट के लिए यहां आए चणोद निवासी राहुल ने बताया कि तीनों खिडकियों के खुले रहने पर पहला नंबर तीन खिड़कियों पर लगता है। जिससे तीन लोगों को कन्फर्म टिकट की उम्मीद रहती है। दो ही खिडकियां खुली रहने से दो लोगों को ही कन्फर्म की उम्मीद रहती है। दूसरा नंबर आते-आते तो स्टेटस वेटिंग में चला जाता है। अन्य कई लोगों ने भी बार-बार एक खिड़की के बंद रहने पर नाराजगी जताई।

विनीत शर्मा Reporting
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